Kanpur Violence | Stone Pelting Eight Injured Over Word Dispute

नूरुल अली | कानपुर3 घंटे पहले

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कानपुर के जाजमऊ के वाजिदपुर इलाके में बुधवार रात एक शब्द ने ऐसा बवाल खड़ा कर दिया कि पूरा मोहल्ला रणभूमि में तब्दील हो गया। ई-रिक्शा चालक को कथित तौर पर “बे” कहकर बुलाने पर शुरू हुई कहासुनी ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट, लाठी-डंडे और पत्थरबाजी हुई। करीब 30 मिनट तक सड़क पर दहशत का माहौल रहा। घटना में दो महिलाओं समेत आठ लोग घायल हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रात में लोग घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए। चीख-पुकार, गाली-गलौज और पत्थरों की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा। हालात इतने बिगड़ गए कि राहगीरों ने रास्ता बदल लिया और आसपास के दुकानदारों ने एहतियातन दुकानें बंद कर दीं।

मोमोस खाने निकला था समीर, विवाद ने लिया हिंसक रूप वाजिदपुर निवासी ई-रिक्शा चालक मोहम्मद समीर के अनुसार वह रात में फिंगर मोमोस खाने निकला था। इसी दौरान मोहसिन ने उसे कथित तौर पर “बे” कहकर बुलाया। इस बात पर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। पहले लोगों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ ही देर में दोनों पक्षों के समर्थक भी मौके पर पहुंच गए और मामला मारपीट में बदल गया। समीर का आरोप है कि विवाद के दौरान जमकर पत्थरबाजी हुई, जिसमें मोहम्मद फैज, मोहम्मद समीर, मोनू और कक्षा पांच का एक छात्र घायल हो गया।

दूसरे पक्ष ने लगाया पुरानी रंजिश का आरोप वहीं दूसरे पक्ष के ट्रैक्टर चालक मोहम्मद मोहसिन का कहना है कि समीर और उसके साथी पुरानी रंजिश रखते हैं और अक्सर गाली-गलौज करते हैं। उनका आरोप है कि बुधवार रात भी विवाद के बाद समीर ने अपने साथियों को बुलाकर हमला कर दिया। मोहसिन के मुताबिक शोर सुनकर उनके परिवार के लोग बीच-बचाव करने पहुंचे, तभी दूसरे पक्ष ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस दौरान उनकी पत्नी गुलफशा, मां शमशून निशा, पिता हैदर अली और चाचा अशरफ घायल हो गए।

सड़क पर चलीं लाठियां, बरसे पत्थर प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पहले दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हुई, फिर देखते ही देखते पत्थर चलने लगे। कई लोगों ने लाठी-डंडों और बेल्ट से भी एक-दूसरे पर हमला किया। महिलाएं झगड़ा रोकने आईं, लेकिन वे भी हिंसा की चपेट में आ गईं। वहीं वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी के सामने मारपीट होती दिखाई दे रही है।

करीब आधे घंटे तक पूरा इलाका अखाड़े में तब्दील रहा। घटना का वीडियो भी किसी ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमला करते दिखाई दे रहे हैं।

अवैध बसावट पर फिर उठे सवाल घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों ने कॉलोनी में अवैध बसावट और सत्यापन न होने का मुद्दा उठाया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वाजिदपुर कॉलोनी में दर्जनों लोग अवैध रूप से रह रहे हैं। कई बार अधिकारी मौके पर आकर चेतावनी दे चुके हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने कभी व्यापक सत्यापन अभियान नहीं चलाया, जिसके कारण क्षेत्र में लगातार विवाद और आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने केडीए और जिला प्रशासन से कॉलोनी में रहने वाले लोगों का सत्यापन कराने की मांग की है।

सूचना मिलते ही जाजमऊ पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। सभी घायलों को मेडिकल परीक्षण और उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। थाना प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि घायलों का मेडिकल कराया जा रहा है। दोनों पक्षों से तहरीर मांगी गई है। जांच के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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