सनी गुप्ता, संभल3 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

संभल हिंसा के आरोपी एडवोकेट जफर अली ने शनिवार रात ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की सदस्यता ग्रहण कर ली। मुरादाबाद में आयोजित पार्टी की जनसभा के दौरान AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी का दामन थामा। इस दौरान जफर अली ओवैसी के साथ मंच पर भी नजर आए।
जनसभा को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने जफर अली की सराहना की। उन्होंने कहा, “जफर अली संभल से आए हैं। उन्होंने अल्लाह के घर की हिफाजत के लिए जेल जाना पसंद किया, जालिम से समझौता करना पसंद नहीं किया।”
2027 चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
जफर अली के AIMIM में शामिल होने को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले संभल की राजनीति में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। संभल हिंसा मामले में जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने पहले ही विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया था।

कल रात एक साथ मंच पर ओवैसी और जफर अली थे। ओवैसी ने जफर अली की जमकर तारीफ की।
पहले निर्दलीय लड़ने की कही थी बात
जफर अली ने पहले कहा था कि जनता के कहने पर उन्होंने चुनाव लड़ने का फैसला किया है। उनका कहना था कि यदि किसी दल से टिकट नहीं मिला तो वह निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरेंगे। अब उन्होंने AIMIM में शामिल होकर अपनी राजनीतिक दिशा तय कर ली है।
पहले भी साझा कर चुके हैं पार्टी का मंच
इससे पहले शुक्रवार को जफर अली ने मुरादाबाद में AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के साथ पहली बार मंच साझा किया था। इस दौरान संभल नगर पालिका परिषद की चेयरमैन आसिया मुशीर के पति चौधरी मुशीर खां और जिलाध्यक्ष असद अब्दुल्ला भी मौजूद थे। जफर अली शाही जामा मस्जिद इंतेजामिया कमेटी से जुड़े रहे हैं।

जफर अली ने मुरादाबाद में AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के साथ पहली बार मंच साझा किया था।
अब संभल हिंसा के बारे में जानिए
19 नवंबर 2024 को हिंदू पक्ष ने चंदौसी की सिविल जज (सीनियर डिवीजन) कोर्ट में संभल की शाही जामा मस्जिद को श्रीहरिहर मंदिर होने का दावा करते हुए वाद दायर किया था। कोर्ट के आदेश पर उसी शाम मस्जिद परिसर का पहला सर्वे कराया गया।
24 नवंबर 2024 को दूसरे चरण का सर्वे शुरू हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए और सर्वे के दौरान विवाद बढ़ने के बाद हिंसा भड़क गई। पुलिस के अनुसार, उस समय पथराव और फायरिंग हुई, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई। इस घटना में तत्कालीन एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई, एएसपी अनुज चौधरी, एक डिप्टी कलेक्टर समेत 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

घटना के बाद संभल कोतवाली और थाना नखासा में कुल 12 एफआईआर दर्ज की गईं।
12 एफआईआर, 2750 से ज्यादा लोगों पर केस
घटना के बाद संभल कोतवाली और थाना नखासा में कुल 12 एफआईआर दर्ज की गईं। इनमें सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क और सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इकबाल समेत कई लोगों को नामजद किया गया। पुलिस ने 2750 से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। हालांकि, बाद में दाखिल चार्जशीट में साक्ष्यों के आधार पर सुहैल इकबाल का नाम हटा दिया गया।
158 आरोपी जेल भेजे गए
पुलिस ने जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के सदर एडवोकेट जफर अली समेत 158 आरोपियों को जेल भेजा। इनमें तीन महिलाएं और फरार गैंगस्टर शारिक साठा के तीन कथित सहयोगी—मुल्ला अफरोज, वारिस और गुलाम—भी शामिल थे। बाद में मुल्ला अफरोज पर अक्टूबर 2025 में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) लगाया गया। इसके बाद वारिस और गुलाम पर भी रासुका के तहत कार्रवाई की गई।

इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद एडवोकेट जफर अली 1 अगस्त 2025 को मुरादाबाद जेल से रिहा हुए।
हाईकोर्ट से मिली जमानत
इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद एडवोकेट जफर अली 1 अगस्त 2025 को मुरादाबाद जेल से रिहा हुए। उन्हें 24 मार्च 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था और 131 दिन बाद रिहाई मिली। इस मामले में कई अन्य आरोपियों को भी इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।
———————————————-
ये खबर भी पढ़ेंः-
राम मंदिर चढ़ावा चोरी- किरण एस. लीड करेंगे नई SIT:अयोध्या DIG, SSP भी टीम में, 2 दिन बाद सुप्रीम कोर्ट में पेश होगी रिपोर्ट

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में यूपी सरकार ने नई विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर दिया है। इसमें तीन सदस्य है। इसकी कमान आईजी लखनऊ रेंज किरण एस. को सौंपी गई है। पहले SIT की अध्यक्षता IAS अधिकारी विजय विश्वास पंत कर रहे थे। किरण एस. उनकी टीम में थे, मगर टीम के इंचार्ज विश्वास पंत थे। पढ़ें पूरी खबर…
