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नई दिल्ली5 मिनट पहले
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भाजपा सांसद कंगना रनौत और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता सौरव दास के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। यह विवाद तब बढ़ा जब अभिनेत्री और राजनेता कंगना ने जेन जेड (Gen Z) को ‘जनरेशन गटर’ कहा। कंगना ने मंगलवार को इंस्टाग्राम स्टोरीज पर नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर सीजेपी के नेतृत्व में हो रहे आंदोलन पर निशाना साधा था।
सौरव दास ने उठाए कंगना की मानसिक स्थिति पर सवाल
कंगना की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए सौरव दास ने कहा कि उनकी भाषा अशोभनीय है। उन्होंने कंगना की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए उन पर ‘सीजेपी लहर’ का फायदा उठाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। दास ने पीटीआई वीडियो से कहा, ‘ये शब्द किसी मानसिक रूप से स्थिर व्यक्ति के नहीं लगते। अगर आपके परिवार में जेन जेड या जेन अल्फा का कोई युवा है, तो क्या आप उनके लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल करेंगी?’
सांसद के तौर पर काम को लेकर भी तंज
सौरव दास ने कंगना के सांसद के रूप में प्रदर्शन पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा, ‘कंगना रनौत के बारे में मेरे पास कहने के लिए ज्यादा कुछ नहीं है, उनकी अपनी पार्टी के सदस्य ही उन्हें गंभीरता से नहीं लेते। उनके निर्वाचन क्षेत्र के वीडियो हैं जहां वह लोगों से कह रही हैं कि आप लोग तो बहुत काम कराते हो। मुझे तो लगा था कि एमपी बनकर ज्यादा काम नहीं होगा, लेकिन यहां तो मुझे रोज काम करना पड़ रहा है। यह उनकी अपने काम के प्रति गंभीरता है।’
कंगना का पलटवार: ‘तुम बेरोजगार और बेकार हो’
कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरीज के जरिए जवाब दिया। उन्होंने लिखा, ‘मैंने इस व्यक्ति को गूगल किया और वह 28 साल का है। वह खुद को छात्र बताता है, कैसे? मुझे नहीं पता।’ सांसद के रूप में अपने काम की आलोचना पर कंगना ने कहा कि वह राजनीति में नई हो सकती हैं, लेकिन पिछले 20 वर्षों से सार्वजनिक जीवन में हैं।
कंगना ने कहा, ‘उसकी उम्र में मेरे पास दो राष्ट्रीय पुरस्कार थे। एक नई सांसद के रूप में मैं काम के बोझ से दबी थी क्योंकि मैं एक फिल्म निर्माता, कलाकार, लेखक और उद्यमी भी हूं। लेकिन उसके जैसा पूरी तरह बेकार और बेरोजगार व्यक्ति कभी नहीं समझेगा कि हर समय मांग में रहने का क्या मतलब होता है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘प्रिय सौरव, तुम्हारे मुद्दे व्यक्तिगत हैं। तुम छात्र नहीं, सिर्फ बेकार हो। कोई कौशल सीखना शुरू करो, यह शुरुआत के लिए अच्छी जगह है।’
क्या था ‘जनरेशन गटर’ वाला विवाद?
यह बहस कंगना द्वारा युवा प्रदर्शनकारियों को ‘जनरेशन गटर’ कहने के एक दिन बाद शुरू हुई। उन्होंने पूछा था कि ‘उन्हें कौन पैदा कर रहा है और पाल रहा है?’ कंगना ने कहा था, ‘मैंने अपने जीवन में एक जगह इतनी बदसूरती कभी नहीं देखी। जेन जेड विरोध प्रदर्शनों की ये रील उल्टी लाने वाली हैं। जिस तरह से वे बात कर रहे हैं और जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह बहुत ही भद्दी है।’
भाजपा सांसद ने विरोध प्रदर्शन में शामिल युवा महिलाओं की भी आलोचना की और उनके व्यवहार को ‘सबसे भयावह’ बताया। उन्होंने कहा, ‘ये तथाकथित पश्चिमी भारतीय महिलाओं की एक नई पीढ़ी है। मैं उन्हें जनरेशन गटर कहती हूं।’ उन्होंने यह भी कहा कि कुछ महिला प्रदर्शनकारी ‘इतनी बदसूरत और भ्रष्ट हैं कि वे घर संभालने वाली भी नहीं बन सकतीं।’
कंगना की इन टिप्पणियों की कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और एआईएमआईएम सहित विपक्षी नेताओं और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने आलोचना की है। उन्होंने इन टिप्पणियों को असंवेदनशील और अपमानजनक बताया है। गौरतलब है कि सीजेपी के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन 25 जुलाई को समाप्त हो गए थे, जब सरकार ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया था।
