FCI श्रमिकों को नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग:बलिया में FCI श्रमिक संगठन ने गृहमंत्री अमित शाह ने मंत्रालय को लिखा पत्र


बलिया में भारतीय खाद्य निगम (FCI) श्रमिक संगठन 8395 ने सोमवार को रौसर डिपो के श्रमिकों को नियुक्ति पत्र जारी करने और उच्च न्यायालय तथा उच्चतम न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की। संगठन ने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और गृहमंत्री अमित शाह ने इस मामले का संज्ञान लिया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय कुमार यादव और महामंत्री बृजू कुमार साहनी ने बताया कि FCI प्रबंधन द्वारा वर्षों से उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा था। उन्होंने विशेष रूप से सीजीआईटी कोर्ट लखनऊ के 19 जनवरी 2015 के अवार्ड का उल्लेख किया, जिसमें शाहजहांपुर डिपो रौसर कोठी के 262 श्रमिकों को विभागीयकृत करने और विभागीय डिपो के समान वेतन भुगतान का आदेश दिया गया था। FCI ने इस आदेश के खिलाफ रिट याचिका दायर की थी, जिसे इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 01 नवंबर 2018 को निरस्त कर दिया था। उच्च न्यायालय ने भी श्रमिकों के पक्ष में आदेश पारित किया था, लेकिन इसके बावजूद श्रमिकों को न्याय नहीं मिला। अब केंद्र सरकार इस मामले में गंभीर दिख रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने FCI के अन्य डिपो/क्षेत्रों से स्थिति रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद 67 पन्नों की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रधानमंत्री कार्यालय को सौंपी गई, जिसमें श्रमिकों के पक्ष को मजबूती से रखा गया है। इसी संदर्भ में, गृहमंत्री अमित शाह ने 10 जून 2026 को उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय को पत्र लिखकर कोर्ट के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह पत्र संगठन के महामंत्री बृजू कुमार साहनी के 29 अप्रैल 2026 के पत्र के आधार पर लिखा गया था। संगठन ने बताया कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री अमित शाह ने उनके पत्र पर संज्ञान लिया है। संगठन ने इस बात पर भी जोर दिया कि FCI ने वर्ष 2011 में गोंडा में 260 श्रमिकों की नियुक्तियां की थीं, जबकि शाहजहांपुर के 261 श्रमिकों को आज तक न्याय नहीं मिला है। संगठन ने मंत्रालय से तत्काल कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए शाहजहांपुर, रौजा डिपो और तालकटोरा डिपो सहित सभी डिपो के श्रमिकों को नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, संगठन ने न्यायालय के आदेश के अनुसार श्रमिकों को बकाया सहित समान वेतन का भुगतान करने की मांग की। उन्होंने भारत सरकार द्वारा 23 अप्रैल 2010 को जारी नोटिफिकेशन के अनुसार ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर नियमित नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की भी अपील की।

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