CSJMU ने गांवों में 'मेरी मां' प्रतियोगिता कराई:बच्चों ने पेंटिंग, कविता से मां के प्रति प्यार व्यक्त किया


छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के 41वें दीक्षांत समारोह की हलचल अब ग्रामीण इलाकों में भी दिखाई देने लगी है। इसी कड़ी में विश्वविद्यालय की ओर से शेखुपुर और टोडरपुर गांवों में बच्चों और ग्रामीण युवाओं के लिए ‘मेरी मां’ विषय पर बेहद खास प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस दौरान बच्चों ने चित्रकला, निबंध, कविता और भाषण के जरिए अपनी मां के प्रति प्रेम, उनके त्याग और समर्पण को इतने खूबसूरत तरीके से पेश किया कि वहां मौजूद हर शख्स भावुक हो उठा। कार्यक्रम की शुरुआत ग्राम प्रधान किरण देवी ने पारंपरिक तरीके से दीप जलाकर की। शेखुपुर में शगुन की पेंटिंग और माहेरा के निबंध ने मारी बाजी प्रतियोगिताओं के नतीजे आते ही बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। शेखुपुर गांव में हुई चित्रकला प्रतियोगिता में शगुन ने पहला, आराध्या ने दूसरा और वैष्णवी ने तीसरा स्थान हासिल किया। निबंध लेखन में माहेरा अव्वल रहीं, जबकि अंशिका और सामिया क्रमशः दूसरे व तीसरे नंबर पर रहीं। वहीं, अपनी कविताओं से सबका दिल जीतने वाली रुचि को काव्य प्रतियोगिता में प्रथम, सूर्या को द्वितीय और वैष्णवी को तृतीय स्थान मिला। भाषण प्रतियोगिता में आराध्या ने अपनी कड़क आवाज और शानदार अभिव्यक्ति के दम पर पहला स्थान झटका, जबकि माहिरा दूसरे और एरम तीसरे स्थान पर रहीं। टोडरपुर में दिव्या की चित्रकारी और नैतिक की कविता ने जीता दिल दूसरी तरफ, टोडरपुर गांव में भी बच्चों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। यहाँ की चित्रकला प्रतियोगिता में दिव्या ने बाजी मारते हुए पहला स्थान पाया, सोनल दूसरे और सुनैना तीसरे स्थान पर रहीं। निबंध प्रतियोगिता में मुस्कान की लेखनी सबसे बेहतरीन रही, जबकि सोनल मिश्रा को दूसरा और नैतिक को तीसरा स्थान मिला। कविता लिखने के शौकीन नैतिक तिवारी ने पहला, शैलेन्द्र कश्यप ने दूसरा और शाम्भवी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। भाषण प्रतियोगिता में शगुन ने बाजी मारते हुए पहला स्थान अपने नाम किया, जबकि मुस्कान कुमारी दूसरे और सोना तीसरे स्थान पर रहीं। बच्चों को मिले इनाम और स्टेशनरी, संस्कारों को मजबूत करने की कोशिश
प्रतियोगिताओं के खत्म होने पर सभी विजेता बच्चों को मंच पर बुलाकर पुरस्कार दिए गए। इसके साथ ही शानदार प्रदर्शन करने वाले कुछ अन्य बच्चों का हौसला बढ़ाने के लिए उन्हें सांत्वना पुरस्कार भी दिए गए। विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से सभी बच्चों को रिफ्रेशमेंट और स्टेशनरी का सामान भी बांटा गया। इस मौके पर समन्वयक डॉ. प्रशांत ने कहा कि ‘मेरी मां’ जैसे विषय बच्चों में पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों को मजबूत करने का काम करते हैं। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में डॉ. अंजनी कुमार उपाध्याय, डॉ. श्री प्रकाश, डॉ. कुलदीप चौहान, डॉ. राज कुमार सिंह, तनिषा, अनुपमा उपाध्याय और डॉ. प्रवीण कटियार का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का समापन सभी के प्रति आभार जताने के साथ हुआ।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *