नई दिल्ली4 मिनट पहले
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भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने शुक्रवार को उन मीडिया रिपोर्टों को “लापरवाह और गैरजिम्मेदाराना रिपोर्टिंग” बताया, जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने CJP के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस ज्यादती से जुड़े मामले की सुनवाई से इनकार कर दिया था। CJI ने साफ किया कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में कोई रिट याचिका दाखिल ही नहीं हुई थी।
सीजेआई ने यह टिप्पणी खुली अदालत में की, जब सीनियर एडवोकेट शोएब आलम ने एक अन्य मामले की लिस्टिंग का जिक्र किया। उन्होंने कहा- मीडिया ने गलत रिपोर्ट किया कि मैंने मामले को सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया। यह सिर्फ एक प्रतिनिधित्व (रिप्रेजेंटेशन) था। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री से भी पुष्टि की है।
उन्होंने मीडिया रिपोर्टों को “गैरजिम्मेदाराना और लापरवाह” बताते हुए कहा- पिछले दो दिनों से पूरी तरह गलत बात कही जा रही है कि मामला दाखिल किया गया था। सुबह 10 बजे तक एक भी पन्ना दाखिल नहीं हुआ था। यह सिर्फ एक प्रतिनिधित्व था, जिसे मिश्रा या किसी अन्य व्यक्ति ने भेजा था।

इससे पहले बुधवार को वकील नरेंद्र मिश्रा ने दिल्ली में CJP के नेतृत्व वाले प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस ज्यादती के आरोपों पर तत्काल सुनवाई की मांग मौखिक रूप से की थी। उस समय CJI, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के सामने यह अनुरोध रखा गया था।
पीठ ने इस मौखिक अनुरोध पर सुनवाई से इनकार करते हुए कहा था- अपना समय बर्बाद मत कीजिए और हमारा समय भी बर्बाद मत कीजिए। अदालत ने कथित पुलिस कार्रवाई के वीडियो देखने की वकील की मांग भी यह कहते हुए ठुकरा दी थी कि मौखिक उल्लेख के दौरान वह ऐसी सामग्री पर विचार करने की इच्छुक नहीं है।
