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श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में पदाधिकारियों के बदलाव के बाद अब रामलला की सेवाओं और भोग की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रामलला के भोग-प्रसाद को और बेहतर बनाने के लिए नई व्यवस्थाएं की जा रही हैं। ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंददेव गिरि के निर्देश पर रामलला के भोग के लिए वृंदावन के एक आश्रम से गिर गाय का शुद्ध देशी घी मंगाने पर सहमति बनी है। इस घी का इस्तेमाल रामलला की रोटी और दाल में किया जाएगा। इसके अलावा समय-समय पर इसी घी से मालपुआ, पकौड़ी और दूसरे पकवान भी बनाए जाएंगे। रामलला के लिए हर महीने करीब 20 किलो घी की जरूरत बताई गई है। ट्रस्ट एक साथ पूरे साल के लिए घी की व्यवस्था करने पर भी विचार कर रहा है। भोग के दौरान हो रहा संगीतमय गायन रामलला की आरती और भोग के दौरान संगीतमय पदों का गायन पहले ही शुरू किया जा चुका है। धार्मिक समिति के सदस्य और श्रीरामवल्लभाकुंज के प्रमुख स्वामी राजकुमार दास ने बताया कि इन व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी व्यवस्था प्रमुख आचार्य इंद्रदेव को दी गई है। उन्होंने बताया कि स्वामी गोविंददेव गिरि राम मंदिर की धार्मिक समिति के अध्यक्ष भी हैं। वे रामलला और मंदिर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर लगातार काम कर रहे हैं। इसमें रामानंद संप्रदाय की परंपराओं का भी ध्यान रखा जा रहा है। गर्भगृह में एसी लगाने की तैयारी रामलला के गर्भगृह में एसी लगाने पर भी सहमति बन गई है। इसके लिए ट्रस्ट के सहयोगी जगदीश आफले को टाटा के इंजीनियरों के साथ बैठक कर काम जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। गर्भगृह में एसी लगने के बाद दिन-रात बंद रहने की स्थिति में भी वहां हवा और तापमान की समस्या कम होगी। इससे पांच साल के बाल स्वरूप में विराजमान रामलला को बेहतर वातावरण मिल सकेगा।
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रामलला को अब घी से बने मालपुआ-पकौड़ी का लगेगा भोग:गर्भगृह में लगेगा एसी,