विनोद हत्याकांड: परिवार से मिलने जा रहे सपा-नेता हिरासत में:गोंडा-लखनऊ हाईवे पर 2 घंटे तक जमे रहे सपा कार्यकर्ता, पुलिस से हुई बहस


गोंडा में बर्तन व्यापारी विनोद साहनी हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को शुक्रवार दोपहर पुलिस ने गोंडा-लखनऊ बॉर्डर पर रोक दिया। इसके विरोध में सपा नेता और कार्यकर्ता करीब दो घंटे तक गोंडा-लखनऊ हाईवे पर बैठे रहे और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। समझाने के बाद पुलिस ने सपा पिछड़ा वर्ग के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजपाल कश्यप, सपा नेता सूरज सिंह, जिलाध्यक्ष अरशद हुसैन, पूर्व मंत्री संजय विद्यार्थी और सरफराज हुसैन सोनू समेत कई नेताओं-कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर करनैलगंज कोतवाली पहुंचाया। हालांकि, कोतवाल ने गिरफ्तारी से इनकार किया है। हाईवे पर बैठकर किया विरोध सपा नेताओं के मुताबिक, वे विनोद साहनी के परिवार से मिलने और घटना की जानकारी लेने जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें गोंडा-लखनऊ बॉर्डर पर रोक दिया। इसके बाद नेता और कार्यकर्ता हाईवे पर बैठ गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। करनैलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय और रामनगर, बाराबंकी के थाना प्रभारी ने करीब दो घंटे तक उन्हें समझाने का प्रयास किया। सपा नेताओं के नहीं मानने पर पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर करनैलगंज कोतवाली ले गई। राजपाल कश्यप बोले- सरकार डरती है तो पुलिस को आगे कर देती है सपा पिछड़ा वर्ग के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजपाल कश्यप ने कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार डरती है तो पुलिस को आगे कर देती है। उनका कहना था कि वे पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे, लेकिन उन्हें परिवार से मिलने नहीं दिया जा रहा। राजपाल कश्यप ने कहा कि पिछड़े समाज के एक नेता की हत्या हुई है और उसके परिवार से मिलने से भी रोका जा रहा है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। सूरज सिंह ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल सपा नेता सूरज सिंह ने कहा कि वे पार्टी नेताओं के साथ पीड़ित परिवार से मिलने और घटना की जानकारी लेने जा रहे थे। आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। उन्होंने कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या और पुलिस की गुंडागर्दी बताया। कोतवाल बोले- गिरफ्तारी नहीं, हिरासत में लेकर समझाया जा रहा करनैलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि सपा नेताओं को रोका जा रहा था, लेकिन वे आगे जाने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की। कोतवाल के मुताबिक, नेताओं को हिरासत में लेकर करनैलगंज कोतवाली लाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है।

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