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रामपुर स्थित मौलाना जौहर अली विश्वविद्यालय के 38 भवनों को ध्वस्त किए जाने के प्रस्तावित निर्णय के विरोध में मंगलवार को समाजवादी पार्टी ने अयोध्या में प्रदर्शन किया। पूर्व मंत्री पवन पांडे के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपकर फैसले पर पुनर्विचार की मांग की। ‘शिक्षा के मंदिर को बचाया जाए’ पूर्व मंत्री पवन पांडे ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो उसके लिए कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है। जुर्माना लगाया जा सकता है और आवश्यक सुधार कराए जा सकते हैं, लेकिन शिक्षा के संस्थान को ध्वस्त करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि मौलाना जौहर अली विश्वविद्यालय में सभी वर्गों और धर्मों के विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त करते हैं, इसलिए इसे बचाया जाना चाहिए। भाजपा सरकार पर साधा निशाना प्रदर्शन के दौरान पवन पांडे ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, “इस सरकार में मधुशालाएं खुल सकती हैं, लेकिन पाठशालाएं नहीं।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा संस्थानों को मजबूत करने के बजाय उन्हें समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है। आंदोलन तेज करने की चेतावनी सपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि ध्वस्तीकरण के निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन प्रशासन को सौंपकर विश्वविद्यालय को बचाने की मांग दोहराई।
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जौहर यूनिवर्सिटी के समर्थन में सपा का प्रदर्शन:अयोध्या में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन, पवन बोले- शिक्षा के मंदिर को न तोड़ें