अरुणेश प्रताप सिंह | अम्बेडकरनगर10 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

अम्बेडकरनगर जिले की राजनीति में कटेहरी विधानसभा इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा का केंद्र बनी हुई है। इसकी वजह केवल चुनावी समीकरण नहीं, बल्कि भाजपा संगठन और सत्ता के कई बड़े चेहरे इसी विधानसभा से जुड़े हैं। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि आने वाले दिनों में जिले की सियासत की दिशा और दशा काफी हद तक कटेहरी से ही तय होगी।
भाजपा के जिलाध्यक्ष दिलीप देव पटेल, एमएलसी हरिओम पांडेय, जिले के एकमात्र भाजपा विधायक धर्मराज निषाद और अवध क्षेत्र के भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी चारों का राजनीतिक आधार कटेहरी विधानसभा है। संगठन और सत्ता के इतने प्रभावशाली नेताओं का एक ही विधानसभा से होना राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यही कारण है कि पार्टी के भीतर होने वाले फैसलों से लेकर आगामी चुनावी रणनीति तक, कटेहरी की भूमिका लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है।
2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी कटेहरी सबसे अहम सीटों में गिनी जा रही है। भाजपा संगठन के विस्तार, बूथ प्रबंधन, सामाजिक समीकरण और कार्यकर्ताओं की सक्रियता पर सबसे अधिक नजर इसी क्षेत्र पर है। माना जा रहा है कि यदि कटेहरी में संगठन मजबूत होता है तो उसका असर पूरे जिले की पांचों विधानसभा सीटों पर दिखाई देगा।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि पहली बार ऐसा माहौल बना है, जब भाजपा के संगठन और जनप्रतिनिधित्व के प्रमुख चेहरे एक ही विधानसभा से आते हैं। इससे कटेहरी का राजनीतिक महत्व पहले की तुलना में कई गुना बढ़ गया है। वहीं, विपक्षी दल भी इस बदलते समीकरण पर नजर बनाए हुए हैं और अपनी रणनीति तैयार करने में जुटे हैं।
फिलहाल इतना तय माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में भाजपा के हर बड़े राजनीतिक फैसले, संगठन विस्तार, चुनावी तैयारियों और शक्ति प्रदर्शन का सबसे ज्यादा असर कटेहरी में दिखाई देगा। यही वजह है कि जिले की राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र अब धीरे-धीरे कटेहरी बनता जा रहा है। आने वाले समय में यह विधानसभा केवल एक चुनावी सीट नहीं, बल्कि पूरे अम्बेडकरनगर की राजनीतिक दिशा तय करने वाला सबसे बड़ा केंद्र साबित हो सकती है।
