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गोरखपुर से विदेश भेजकर बंधक बनाने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने नौकरी दिलाने के नाम पर दो भाइयों को अपने जाल में फंसाया। मलेशिया भेजने के लिए 2 लाख 52 हजार रुपये लिए।
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आरोप है कि टूरिस्ट वीजा पर पीड़ितों को बैंकॉक भेज दिया गया। वहां पहुंचने के बाद पहले से मौजूद कुछ आदमियों ने उन्हें 3 दिनों तक एक कमरे में बंद रखा। खाने- पीने को भी कुछ नहीं दिया।
जैसे- तैसे पीड़ित वहां से भाग निकलें। भारत पहुंच कर जब उन्होंने आरोपियों से अपने रुपए वापस मांगें तो उन्हें जान से मारने की धमकी मिलने लगी। इस मामले में रविवार की शाम 5 बजे आरोपियों के खिलाफ कैंट थाने में तहरीर दी गई।
जानिए पूरा मामला…
देवरिया जिले के रुद्रपुर थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव के रहने वाले ज्ञानदास ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके भाई भगवानदास और गोपालदास रोजगार की तलाश में विदेश जाना चाहते थे।
इसी दौरान जानकारी मिली कि गोरखपुर के कैंट क्षेत्र के सिंघड़िया के रहने वाले सुग्रीव सिंह और जंगल सखनी निवासी रामानुज यादव विदेश भेजने का काम करते हैं। दोनों का सिंघड़िया में ऑफिस भी है।
इतना पता चलने पर दोनों की जानकारी लेने के लिए ऑफिस पहुंचे। जहां उनकी मुलाकात रामानुज यादव और सूबा बाजार निवासी अमर चौहान से हुई। पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने उनसे बातचीत की और मलेशिया में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया।
दो दिन में लिए लाखों रुपए उसके बाद 30 मार्च और 19 अप्रैल 2026 को कुल 2.52 लाख रुपये ले लिए। पीड़ितों ने विश्वास करके 1.89 लाख रुपये ऑनलाइन और 63 हजार रुपये नकद दिए। रुपए देने के दो दिन बाद ही 21 अप्रैल को जालसाजों ने दोनों भाइयों को लखनऊ से बैंकाक जाने वाली फ्लाइट में टूरिस्ट वीजा पर बैठा दिया।
तीन दिनों तक एक कमरे में बंद रखा बैंकाक पहुंचने पर वहां पहले से मौजूद कुछ लोग उन्हें अपने साथ ले गए और एक कमरे में बंद कर दिया। पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें तीन दिन तक बंधक बनाकर रखा गया और खाने-पीने के लिए कुछ नहीं दिया।
इस दौरान उनका बुरा हाल हो गया। पीड़ित बहुत ज्यादा डरे हुए थे। वो लोग कहां हैं, किस लिए उन्हें बंधक बनाया गया है, आगे उनके साथ क्या होगा ? कुछ भी पता नहीं चल पा रहा था।
किसी तरह भागकर बाहर निकलें उन्होंने किसी तरह दिमाग लगाया और वहां से भागकर बाहर निकलें। उसके बाद दोनों भाइयों ने अपने परिजनों से संपर्क किया। परिवार ने रुपए भेजकर उनकी वापसी की व्यवस्था कराई, जिसके बाद वे भारत लौट सके।
थाने में दी तहरीर घर आने के बाद जब आरोपियों से रुपये वापस मांगे गए तो उन्होंने जान से मारने की धमकी देना शुरू कर दिया। जिसको लेकर पीड़ित ने कैंट थाने में तहरीर दी है। पुलिस मामले की सच्चाई का पता लगाने में जुटी है।