बरेली छावनी में बनेगी अत्याधुनिक गौशाला:1000 से अधिक मवेशियों के लिए सौर ऊर्जा-बायो-सीएनजी से संचालित होगी


बरेली छावनी बोर्ड ने आवारा मवेशियों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए एक महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू की है। थिरिया रोड पर 1000 से अधिक मवेशियों की क्षमता वाली आधुनिक गौशाला का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। सोमवार को उत्तर प्रदेश के पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने भूमि पूजन कर परियोजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सांसद छत्रपाल गंगवार, छावनी विधायक संजीव अग्रवाल, सैन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। आवारा मवेशियों को मिलेगा सुरक्षित आश्रय बरेली छावनी बोर्ड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. तनु जैन ने बताया कि गौशाला का उद्देश्य आवारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करना और वैज्ञानिक तरीके से उनका संरक्षण करना है। गौशाला में बड़े और हवादार शेड, प्रसूति एवं बछड़ा देखभाल इकाइयां, आधुनिक पशु चिकित्सा केंद्र, क्वारंटाइन जोन, स्वच्छ पेयजल व्यवस्था और वैज्ञानिक चारा प्रबंधन जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सौर ऊर्जा और बायोगैस से होगी ऊर्जा व्यवस्था परियोजना को पर्यावरण अनुकूल बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। गौशाला में सौर ऊर्जा संयंत्र, बायोगैस और बायो-सीएनजी उत्पादन इकाइयां, वर्षा जल संचयन प्रणाली तथा जैविक खाद निर्माण की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। अधिकारियों के अनुसार, गोबर और अन्य जैविक संसाधनों का उपयोग कर चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने का भी लक्ष्य रखा गया है। डिजिटल निगरानी और स्मार्ट प्रबंधन की सुविधा गौशाला परिसर में प्रशासनिक भवन, यज्ञशाला, गौ-मंदिर, अतिथि सुविधाएं, सीसीटीवी सर्विलांस, डिजिटल निगरानी प्रणाली और स्मार्ट प्रबंधन व्यवस्था भी स्थापित की जाएगी। इससे संचालन को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया जा सकेगा। प्रदेश के लिए मॉडल बनेगी परियोजना पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि बरेली छावनी बोर्ड की यह पहल प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर की गौशालाओं के लिए एक आदर्श मॉडल बन सकती है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना पशुधन संरक्षण, पर्यावरणीय स्थिरता और संसाधनों के बेहतर उपयोग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

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