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देवरिया: वाराणसी-भटनी रेलखंड पर चलती ट्रेन में एनसीसी कैडेट से दुष्कर्म के आरोपी टीटीई राहुल कुमार को पुलिस एक माह बाद भी गिरफ्तार नहीं कर पाई है। उसकी तलाश में एसटीएफ और एसओजी समेत छह टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है। इस देरी के कारण जीआरपी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस विभाग आरोपी पर घोषित इनाम की राशि बढ़ाने की तैयारी में है। यह घटना 15 फरवरी को हुई थी। मऊ जिले की रहने वाली पीड़िता गोरखपुर में सेना भर्ती की तैयारी कर रही है। वह एक परीक्षा के सिलसिले में मऊ गई थी। वापसी के दौरान वह अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस के एसी प्रथम श्रेणी कोच में बिना टिकट यात्रा कर रही थी। पीड़िता के अनुसार, टीटीई राहुल कुमार ने टिकट जांचने के बाद उसे सीट दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद वह उसे एक केबिन में ले गया, दरवाजा अंदर से बंद कर दिया और दुष्कर्म किया। पीड़िता की शिकायत पर जीआरपी देवरिया में आरोपी राहुल कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। राहुल कुमार बिहार के पटना जिले के बिहटा थाना क्षेत्र के समारा सदिसोपुर का मूल निवासी बताया जा रहा है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पहले पांच टीमें गठित की गई थीं, जिसमें अब एसटीएफ को भी शामिल किया गया है। उसका मोबाइल फोन बंद होने के कारण लोकेशन ट्रेस करने में दिक्कत आ रही है। पुलिस को सूचना मिली है कि वह बिहार या नेपाल में छिपा हो सकता है, जिसके आधार पर लगातार छापेमारी की जा रही है। इस मामले में आरोपी राहुल कुमार को भगाने और संरक्षण देने के आरोप में उसके भाई गणेश कुमार को जीआरपी ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास अभी भी जारी हैं। जीआरपी थानाध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार सक्रिय हैं और उसे जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि न्यायालय से वारंट जारी कराने सहित अन्य कानूनी प्रक्रियाओं को भी तेज कर दिया गया है।
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देवरिया में NCC कैडेट दुष्कर्म का मामला:एक माह बाद भी आरोपी TTE फरार, पुलिस की छह टीमें तलाश में