अतुल कुमार सिंह | लखनऊ6 घंटे पहले
- कॉपी लिंक

लखनऊ के गोमती नगर स्थित होटल कियारा इन में रविवार को अखिल भारतीय पाल महासभा के सहयोग से लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। ‘प्रेरणा गोष्ठी एवं जयंती समारोह-2026’ में समाज के प्रबुद्धजन, शिक्षाविद, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस अवसर पर लोकमाता के आदर्शों को वर्तमान पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।
समारोह का शुभारंभ आचार्य देवी दीन पाल ने दीप प्रज्वलित कर और महारानी अहिल्याबाई होल्कर के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। इसके बाद उपस्थित अतिथियों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सभी ने राष्ट्र निर्माण, समाज सेवा और सांस्कृतिक संरक्षण में उनके अतुलनीय योगदान को याद किया।
अहिल्याबाई होल्कर जनकल्याण का उदाहरण
आयोजित प्रेरणा गोष्ठी में पूर्व राज्य मंत्री कुमार अशोक पांडे, सावंत सिंह पाल, डॉ. सी.पी. पाल और जिला अध्यक्ष रामाधार पाल ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर का जीवन सेवा, न्याय और जनकल्याण का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने अपने शासनकाल में धर्म, संस्कृति, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण को नई दिशा प्रदान की, जो आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
लोकमाता के त्याग लोकहितकारी कार्यों की सीख
वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि समाज तभी प्रगति करता है जब वह अपने महान व्यक्तित्वों के आदर्शों को अपनाता है। उन्होंने युवाओं से लोकमाता के त्याग, नेतृत्व और लोकहितकारी कार्यों से सीख लेकर समाज के विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध शायर बशीर बद्र की पंक्तियों को भी याद किया गया, जिन्होंने इंसानियत और रिश्तों की अहमियत को अपने शब्दों में पिरोया था। इन पंक्तियों ने सभागार में मौजूद लोगों को मानवीय मूल्यों और संवेदनाओं का संदेश दिया।
जिला अध्यक्ष रामाधार पाल ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन किए जाएंगे, ताकि युवा पीढ़ी लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सके।
