प्रसव कराने वाले अपंजीकृत अस्पतालों पर होगी सख्त कार्रवाई:डीएम ने दिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देश; जननी सुरक्षा योजना की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी


हाथरस जिलाधिकारी अतुल वत्स ने जिले में संचालित अपंजीकृत अस्पतालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विशेष रूप से प्रसव कराने वाले अपंजीकृत अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। डीएम ने स्पष्ट किया कि जनसामान्य के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि भविष्य में निरीक्षण के दौरान यदि निर्देशों का पालन नहीं पाया गया तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को नियमित निरीक्षण कर अपंजीकृत अस्पतालों की पहचान करने और उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जननी सुरक्षा योजना की प्रगति पर जताई नाराजगी बैठक के दौरान डीएम ने जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को भुगतान और मंत्रा ऐप पर डेटा फीडिंग की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जवाबदेह ठहराते हुए कार्यों में तेजी लाने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जन्म प्रमाण पत्र समयबद्ध तरीके से जारी करने के निर्देश जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य केंद्रों पर जन्म लेने वाले बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रमाण पत्र जारी करने में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। अस्पतालों में साफ-सफाई और व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने पर जोर डीएम ने जिला अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, वार्डों और प्रसव कक्षों में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही मच्छरों और कीटों की रोकथाम के लिए फ्लाई कैचर की समुचित व्यवस्था करने को कहा। स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा कर दिए जरूरी निर्देश बैठक में जिलाधिकारी ने ओपीडी, आईपीडी, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, पैथोलॉजी, जननी सुरक्षा योजना, एफआरयू, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके), परिवार नियोजन, राष्ट्रीय अंधता एवं दृष्टिक्षीणता नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, 108 और 102 एम्बुलेंस सेवा, पीपीपी परियोजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड निर्माण, नियमित टीकाकरण, जन्म-मृत्यु पंजीकरण तथा पीसीपीएनडीटी अधिनियम समेत विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

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