Epstein Suicide Note Found by Fellow Inmate; Court Sealed

11 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
जेफ्री एपस्टीन के सेल की तस्वीर। - Dainik Bhaskar

जेफ्री एपस्टीन के सेल की तस्वीर।

यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के मरने से पहले उनके सुसाइड नोट लिखने का दावा किया गया है। यह कथित सुसाइड नोट पिछले करीब 7 साल से न्यूयॉर्क की अदालत में सील है। इस वजह से इसे अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक एपस्टीन की मौत की जांच कर रही एजेंसियों को भी यह अहम सबूत नहीं मिला। अगर यह नोट सच में एपस्टीन ने लिखा था, तो यह उनकी मानसिक स्थिति के बारे में अहम जानकारी दे सकता था।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह नोट जुलाई 2019 में एपस्टीन के साथी कैदी निकोलस टारटाग्लियोने को मिला था। उस समय एपस्टीन जेल में बेहोश हालत में मिला था और उनकी गर्दन पर कपड़ा बंधा हुआ था।

उस घटना में उनकी जान बच गई थी। लेकिन कुछ हफ्तों बाद जेल में उनकी मौत हो गई, जिसे मेडिकल अधिकारियों ने आत्महत्या बताया।

जेल के इसी कमरे में मृत मिला था एपस्टीन।

जेल के इसी कमरे में मृत मिला था एपस्टीन।

नोट में लिखा- अब अलविदा कहने का समय है

टारटाग्लियोने के मुताबिक, इस नोट में लिखा था कि जांच एजेंसियों ने महीनों तक एपस्टीन की जांच की, लेकिन कुछ भी नहीं मिला। नोट में यह भी लिखा था, ‘आप मुझसे क्या चाहते हैं, क्या मैं रोऊं? अब अलविदा कहने का समय है।’

हालांकि, अमेरिकी जस्टिस डिपोर्टमेंट का कहना है कि उनके पास यह नोट नहीं है, इसलिए वे इसकी पुष्टि नहीं कर सकते।

फेडरल जज के कहने पर नोट सील किया गया

रिपोर्ट के मुताबिक, यह नोट बाद में टारटाग्लियोने के अपने आपराधिक केस का हिस्सा बन गया और एक फेडरल जज ने इसे सील कर दिया। इसी वजह से एपस्टीन की मौत की जांच करने वालों को यह अहम सबूत नहीं मिल पाया। न्यूयॉर्क टाइम्स ने हाल ही में अदालत से इस नोट को सार्वजनिक करने की मांग की है।

इसी बीच, रिकॉर्ड में मौजूद दो पेज की टाइमलाइन बताती है कि टारटाग्लियोने के वकीलों ने इस नोट को असली बताया, लेकिन कैसे, यह साफ नहीं है।

जस्टिस डिपार्टमेंट की प्रवक्ता ने कहा कि एपस्टीन केस से जुड़े सभी दस्तावेज जुटाने के लिए एजेंसी ने व्यापक कोशिश की, जिसमें जेल ब्यूरो और इंस्पेक्टर जनरल ऑफिस के रिकॉर्ड भी शामिल थे। इसके बावजूद यह नोट उनके पास नहीं है।

एपस्टीन की मौत के बाद सुरक्षा में कई खामियां

जस्टिस डिपार्टमेंट के मुताबिक, एपस्टीन की मौत के बाद मैनहट्टन करेक्शनल सेंटर की सुरक्षा में कई खामियां सामने आईं, जिससे उनकी मौत पर कई सवाल और थ्योरी उठीं।

जुलाई की घटना के बाद एपस्टीन ने अधिकारियों से कहा था कि टारटाग्लियोने ने उन पर हमला किया, लेकिन बाद में कहा कि उन्हें अपने साथी कैदी से कोई दिक्कत नहीं थी।

टारटाग्लियोने पहले पुलिस अधिकारी थे और चार हत्याओं के मामले में 2023 में दोषी ठहराए गए हैं। वे चार उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। उन्होंने हमेशा एपस्टीन पर हमला करने के आरोप से इनकार किया है और अपनी बेगुनाही का दावा किया है।

जेफ्री एपस्टीन के साथी कैदी निकोलस टारटाग्लियोने। यह तस्वीर 23 जुलाई, 2019 की है।

जेफ्री एपस्टीन के साथी कैदी निकोलस टारटाग्लियोने। यह तस्वीर 23 जुलाई, 2019 की है।

एक किताब के अंदर मिला था सुसाइड नोट

टारटाग्लियोने के मुताबिक, उन्हें यह नोट अपनी जेल के कमरे में एक किताब के अंदर मिला था। उन्होंने कहा कि यह पीले कागज पर लिखा था, जो लीगल पैड से फाड़ा गया था। उन्होंने यह नोट अपने वकीलों को दे दिया, ताकि अगर एपस्टीन उन पर आरोप लगाते रहें, तो यह उनके बचाव में काम आ सके।

टाइमलाइन के मुताबिक

27 जुलाई 2019– एपस्टीन की आत्महत्या की कोशिश के ठीक चार दिन बाद, टारटाग्लियोने ने अपने वकील ब्रूस बार्केट को इस नोट के बारे में बताया। बाद में दूसरे वकील जॉन वीडर को यह नोट लेने के लिए कहा गया। वकीलों ने दो बार इसे प्रमाणित करने की कोशिश की, लेकिन शुरुआत में सफलता नहीं मिली।

2019 के अंत या 2020 की शुरुआत में इस सुसाइड नोट को प्रमाणित किया गया।

आखिरकार जज केनेथ करास ने आदेश दिया कि यह नोट अदालत को सौंपा जाए। जॉन वीडर ने बताया कि उन्होंने खुद यह नोट कोर्ट में जमा कराया था, लेकिन उन्हें यह याद नहीं है कि इसमें क्या लिखा था। बाद में वकीलों के बीच विवाद के चलते इससे जुड़े दस्तावेज भी सील कर दिए गए।

कोर्ट के प्रवक्ता ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार किया, लेकिन कहा कि ऐसे सील रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के लिए कोर्ट के वॉल्ट में रखे जाते हैं।

——————–

यह खबर भी पढ़ें…

सऊदी क्राउन प्रिंस का सलाहकार बनना चाहता था एपस्टीन:द्वीप पर ‘मस्जिद’ बनवाई, उसमें सोने का गुंबद, मक्का से कपड़े और उज्बेकिस्तान के टाइल्स लगवाए

सेक्स अपराधी जेफ्री एपस्टीन सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का सलाहकार बनना चाहता था। उसने मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में कई साल तक अपने संबंध बनाए। वह एक तरफ बिजनेस के मौके ढूंढ रहा था, और दूसरी तरफ इस्लाम से जुड़ी दुर्लभ और धार्मिक चीजें भी इकट्ठा कर रहा था।

उसने इन चीजों को अपने कैरेबियन द्वीप पर बनी एक विवादित इमारत को सजाने में इस्तेमाल किया, जिसे वह ‘मस्जिद’ कहता था। उसने मक्का की काबा से किस्वा मंगवाई। किस्वा वह कपड़ा होता है जिस पर सोने से कुरान की आयतें कढ़ी होती हैं और इसे काबा पर चढ़ाया जाता है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Newsmatic - News WordPress Theme 2026. Powered By BlazeThemes.