दहेज हत्या में पति, सास-ससुर को उम्रकैद:6 महीने में नवविवाहिता की हुई थी मौत, कोर्ट ने जुर्माना भी लगाया


औरैया जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम आनेपुर में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय महेश कुमार की अदालत ने शुक्रवार को पति, सास और ससुर को दहेज हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तीनों पर 6-6 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अभियोजन पक्ष के एडीजीसी अरविंद राजपूत के अनुसार, मामला करीब तीन वर्ष पुराना है। वादी हरीकिशन (निवासी ग्राम अन्तौल, थाना अयाना) ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उन्होंने अपनी बेटी खुशबू की शादी 28 दिसंबर 2022 को आनेपुर निवासी राजराय उर्फ नंदू के साथ हिंदू रीति-रिवाज से की थी और सामर्थ्य के अनुसार दहेज भी दिया था। आरोप था कि शादी के बाद से ही पति राजराय, ससुर अरुण कुमार और सास सुनीता अतिरिक्त दहेज में कार की मांग को लेकर खुशबू को प्रताड़ित करते थे। मामले में एक और मोड़ तब आया, जब 10 मई 2023 को मृतका की छोटी बहन काजल ने मृतका के देवर छोटू राय से प्रेम विवाह कर लिया। इससे नाराज ससुराल पक्ष खुशबू पर भी आरोप लगाने लगा और उसे मानसिक रूप से परेशान किया जाता रहा। 28 जून 2023 की रात करीब 9 बजे वादी को सूचना मिली कि उसकी बेटी की हत्या कर दी गई है। मौके पर पहुंचने पर खुशबू का शव घर के बरामदे में पड़ा मिला, जबकि आरोपी फरार थे। छोटी बहन काजल ने आरोप लगाया कि उसे पहले ही घर से बाहर भेज दिया गया था और साजिश के तहत खुशबू की हत्या की गई। पुलिस ने मामले में पति, सास और ससुर के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया, जबकि दोनों देवरों को विवेचना में दोषमुक्त पाया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पति राजराय उर्फ नंदू, ससुर अरुण कुमार और सास सुनीता को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अधिवक्ता महावीर शर्मा के मुताबिक, पति और ससुर फिलहाल जिला कारागार इटावा में निरुद्ध हैं और उन्हें अभी तक जमानत नहीं मिली है, जबकि सास सुनीता जमानत पर थीं।

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