34.50 लाख लेकर जमीन का कब्जा न देने का आरोप:सिद्धार्थनगर में महिला ने लगाया गाली-गलौज और धमकी का आरोप, कोर्ट के आदेश पर FIR


सिद्धार्थनगर में जमीन के सौदे में 34.50 लाख रुपए लेने के बाद भी कब्जा नहीं देने का मामला सामने आया है। शोहरतगढ़ क्षेत्र की विन्द्रावती की शिकायत पर न्यायालय के आदेश के बाद सिद्धार्थनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में जोगिया उदयपुर क्षेत्र के करौंदा शीशा निवासी शब्बीर हुसैन को आरोपी बनाया गया है। महिला ने विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। विन्द्रावती के अनुसार गाटा संख्या 914 में दर्ज 0.6330 हेक्टेयर जमीन में से 126.4 वर्गमीटर जमीन का सौदा शब्बीर हुसैन से हुआ था। जमीन की कीमत 11.50 लाख रुपए प्रति मंडी के हिसाब से तय होने की बात शिकायत में कही गई है। महिला का आरोप है कि उसने पहले 23 लाख रुपए देकर बैनामा कराया। इसके बाद आरोपी ने इसी गाटे में एक और हिस्सा बचा होने की बात कहते हुए 11.50 लाख रुपए अतिरिक्त लिए। इस तरह जमीन के लिए कुल 34.50 लाख रुपए का भुगतान किया गया। बैनामे के बाद कब्जा लेने पहुंची तो रोकने का आरोप शिकायत के मुताबिक बैनामा होने के बाद जब विन्द्रावती जमीन पर कब्जा लेने पहुंचीं तो शब्बीर हुसैन और उसके सहयोगियों ने उन्हें रोक दिया। विरोध करने पर गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। महिला का यह भी आरोप है कि गाटा संख्या 914 में आरोपी और उसके भाइयों की हिस्सेदारी पहले से अलग थी और उनके हिस्सों के बैनामे भी हो चुके थे। इसके बावजूद जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट किए बिना उनसे रकम लेकर बैनामा कराया गया। पहले पुलिस, फिर कोर्ट पहुंची महिला विन्द्रावती ने मामले को लेकर पहले पुलिस से शिकायत की थी। कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने न्यायालय में प्रार्थना-पत्र दिया। न्यायालय ने 18 अगस्त को मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच के निर्देश दिए। न्यायालय के आदेश के सात दिन बाद 25 अगस्त को सिद्धार्थनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की विवेचना दिनेश कुमार पांडेय को सौंपी गई है। बैनामे और भुगतान के दस्तावेज खंगालेगी पुलिस पुलिस अब गाटा संख्या 914 की वास्तविक हिस्सेदारी, जमीन से जुड़े बैनामे, भुगतान और कब्जे से संबंधित दस्तावेजों की जांच करेगी। जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि महिला को बेची गई जमीन पर आरोपी का कितना अधिकार था और बैनामे के बाद कब्जा क्यों नहीं दिया गया। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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