सीएम ने पीडब्ल्यूडी और जनप्रतिनिधियों के साथ विकास कार्यों को लेकर की बैठक।
कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में गुरुवार को प्राकृतिक खेती पर कार्यशाला के बाद एचबीटीयू के उद्योग सभागार में लोक निर्माण विभाग के अफसरों व जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। सीएम ने साफ तौर पर कहा कि जनप्रतिनिधियों
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जनहित से जुड़ी परियोजनाओं को जल्द स्वीकृति देकर समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान सीएम के सामने विभागीय अफसरों ने मंडल के छह जिलों की 11,724 करोड़ रुपए लागत की 1,374 परियोजनाओं के प्रस्ताव को हरी झंडी दी।

जनप्रतिनिधियों के काम को मिलेगा प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्रों की जरूरतों की सबसे अधिक जानकारी होती है। इसलिए उनके सुझावों और प्रस्तावों को प्राथमिकता से संकलित कर शासन को भेजा जाए, ताकि आवश्यक स्वीकृतियां देकर कार्य जल्द शुरू कराए जा सकें। उन्होंने अधिकारियों को मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, राज्य राजमार्ग, सेतु, आरओबी-आरयूबी, फ्लाईओवर, सड़क सुरक्षा और धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों से जुड़े प्रस्तावों पर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सड़कें क्षतिग्रस्त करने वालों से होगी वसूली
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक निर्माण विभाग की सड़कों को नुकसान पहुंचाने वाले व्यक्तियों या संस्थाओं से नियमानुसार क्षतिपूर्ति की वसूली की जाए। सड़क निर्माण की गुणवत्ता और उपयोगिता बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

टेंडर होने के बाद भी काम नहीं करने वाली फर्मों पर होगा एक्शन
बैठक में पिछले वित्तीय वर्ष की परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025-26 में 5,497 करोड़ रुपए की लागत वाली 2,301 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी। इनमें से 1,242 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि शेष पर कार्य चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं में निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी कार्य शुरू नहीं हुआ है, वहां संबंधित फर्मों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। जरूरत पड़ने पर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाए और एफआईआर भी दर्ज कराई जाए। बैठक में मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, राकेश सचान, असीम अरुण, अजीत पाल, प्रतिभा शुक्ला, कैलाश सिंह राजपूत, सांसद रमेश अवस्थी तथा क्षेत्रीय विधायक और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
कानपुर मंडल से आए प्रस्ताव
- कानपुर नगर : 5,523 करोड़ रुपए की 344 परियोजनाएं
- कानपुर देहात : 1,581 करोड़ रुपए की 387 परियोजनाएं
- कन्नौज : 2,058 करोड़ रुपए की 217 परियोजनाएं
- फर्रुखाबाद : 2,016 करोड़ रुपए की 339 परियोजनाएं
- औरैया : 439 करोड़ रुपए की 33 परियोजनाएं
- इटावा : 104 करोड़ रुपए की 54 परियोजनाएं