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लखनऊ में बिना रजिस्ट्रेशन नंबर और नंबर प्लेट के ई-रिक्शा व ऑटो की डिलीवरी और संचालन को ट्रैफिक पुलिस ने गंभीरता से लिया है। इस मामले में डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी ने संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) लखनऊ को पत्र भेजकर नियमानुसार कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। शुरुआती जांच में तीन ऐसे डीलर और केंद्र चिन्हित किए गए हैं, जिन पर रजिस्ट्रेशन नंबर जारी होने से पहले ही वाहन बेचने और डिलीवरी करने का आरोप है। यातायात पुलिस के मुताबिक, इन मामलों में खरीद रसीदों के साथ बिना नंबर प्लेट के सार्वजनिक सड़कों पर चल रहे वाहनों के फोटो साक्ष्य भी सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि बिना पंजीकरण और नंबर प्लेट वाले वाहन सड़क सुरक्षा के साथ-साथ दुर्घटना जांच और अपराध नियंत्रण के लिए भी बड़ी चुनौती हैं। ऐसे वाहनों की पहचान करना मुश्किल होता है, जिससे हादसे या अपराध की स्थिति में वाहन, चालक और मालिक तक पहुंचने में दिक्कत आती है। ट्रेसिंग भी कठिन होती थी पुलिस के अनुसार, बिना नंबर प्लेट वाले वाहन रेड लाइट जंपिंग, गलत दिशा में चलने, अवैध पार्किंग और ओवरलोडिंग जैसे यातायात उल्लंघनों में शामिल होने के बावजूद आसानी से चिह्नित नहीं हो पाते। वहीं, आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल होने पर इनकी ट्रेसिंग भी कठिन हो जाती है। डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी ने बताया कि प्रथम चरण में तीन ऐसे केंद्र और डीलर चिन्हित किए गए हैं। इस संबंध में आरटीओ को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है। उन्होंने कहा कि यातायात पुलिस ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के साथ उनके स्रोत की भी जांच करा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बिना पंजीकरण और नंबर प्लेट के वाहन सड़कों पर कैसे पहुंच रहे हैं। जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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बिना रजिस्ट्रेशन नंबर मिले ऑटो डिलीवर करने वाले डीलर चिह्नित:अपराध होने के बाद पकड़ना हो रहा था मुश्किल, पुलिस ने RTO को लेटर भेजा