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कानपुर देहात में सावन माह के पहले सोमवार को कानपुर देहात के अकबरपुर स्थित ऐतिहासिक नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही बड़ी संख्या में शिवभक्त भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंचे। मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, दूध और गंगाजल अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। अकबरपुर के ऐतिहासिक शुक्ल तालाब परिसर में स्थित यह प्राचीन नर्मदेश्वर महादेव मंदिर सावन के महीने में आस्था का प्रमुख केंद्र बन जाता है। पहले सोमवार को दर्शन-पूजन का सिलसिला सुबह से शुरू होकर देर शाम तक जारी रहा। मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्थानीय लोगों और मंदिर समिति द्वारा साफ-सफाई सहित आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा। स्थानीय निवासी विमलेश कुमार ने बताया कि यह मंदिर अकबरपुर की पहचान है। कस्बे के साथ-साथ आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। उनके अनुसार, सावन के अलावा पूरे वर्ष सुबह और शाम यहां जलाभिषेक करने वालों की भीड़ रहती है। स्थानीय लोग समय-समय पर मंदिर के संरक्षण, रंग-रोगन और अन्य निर्माण कार्यों में भी सहयोग करते हैं। नर्मदेश्वर महादेव मंदिर का इतिहास भी काफी रोचक है। स्थानीय मान्यताओं और ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार, मुगल सम्राट अकबर के शासनकाल में वर्ष 1578 के आसपास अकबरपुर के ऐतिहासिक शुक्ल तालाब का निर्माण कराया गया था। इसी परिसर में भगवान शिव के प्रति गहरी आस्था रखने वाले तत्कालीन दीवान शीतल शुक्ल ने नर्मदेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण करवाया था। यह मंदिर आज भी अपनी प्राचीन वास्तुकला और नक्काशी के कारण विशेष पहचान रखता है। शुक्ल तालाब और मंदिर परिसर वर्तमान में संरक्षित धरोहर के रूप में भी जाना जाता है।
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मुगलकालीन धरोहर शिव मंदिर में पहुंचे भक्त:सावन के पहले सोमवार पर नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ी आस्था, 'हर-हर महादेव' से गूंजा मंदिर