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संभल नगर पालिका के पूर्व ईओ राजकुमार गुप्ता को 101 करोड़ रुपए की 38 बीघा जमीन घोटाले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। करीब 40 दिन जेल में रहने के बाद बुधवार को उन्हें मुरादाबाद जेल से रिहा कर दिया गया। राजकुमार गुप्ता वर्तमान में शाहजहांपुर नगर निगम में सहायक आयुक्त के पद पर तैनात हैं। 7 अगस्त को हाईकोर्ट ने दी जमानत इलाहाबाद हाईकोर्ट की कोर्ट संख्या-68 की एकल पीठ के न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने 7 अगस्त को राजकुमार गुप्ता की जमानत मंजूर की थी। उनके अधिवक्ता प्रारब्ध जैन ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा। 11 अगस्त को सीओ संभल कार्यालय से जमानत के कागजात सत्यापित होने के बाद उन्हें सीजेएम कोर्ट में दाखिल किया गया। इसके बाद जेल से उनकी रिहाई हुई। 5 गाटा संख्या की जमीन का है मामला मामला संभल तहसील के रायसत्ती थाना क्षेत्र के तख्तगोसाईन गांव में मुरादाबाद रोड स्थित पांच गाटा संख्या-206, 207, 238, 242/378 और 279 से जुड़ा है। आरोप है कि नगर पालिका परिषद संभल के नाम से फर्जी पट्टा तैयार कर डीडीसी कोर्ट के माध्यम से करोड़ों रुपये की जमीन का नामांतरण कराया गया। वर्तमान में इस जमीन पर राजस्व प्रशासन संभल का कब्जा बताया जा रहा है। 2 जुलाई को गिरफ्तार हुए थे तत्कालीन ईओ पुलिस ने 2 जुलाई को तत्कालीन ईओ राजकुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस मामले में रिटायर्ड मानचित्र शहाबुद्दीन, पैरोकार माजिद खान समेत कुल 31 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच में फर्जी पट्टे से नामांतरण की बात सामने आई लेखपाल की जांच में जमीन में पहले हेराफेरी किए जाने की बात सामने आई थी। दस्तावेजों की पड़ताल में पता चला कि वर्ष 2008 में उपसंचालक चकबंदी ने जमीन का नामांतरण एक फर्जी व्यक्ति के नाम कर दिया था। यह नामांतरण ऐसे पट्टे के आधार पर किया गया था, जिस पर नगर पालिका का कोई कानूनी अधिकार नहीं था। प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ भी दायर हुई थी याचिका इससे पहले 24 जुलाई को न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की कोर्ट संख्या-50 में मामले की सुनवाई हुई थी। 27 जुलाई को अदालत का आदेश आया था। संभल प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ सात लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की थी।
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101 करोड़ के जमीन घोटाले में पूर्व ईओ को जमानत:40 दिन बाद मुरादाबाद जेल से रिहा, 31 लोगों पर दर्ज है FIR