![]()
लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर कांग्रेस, सपा और आरजेडी के विरोध पर सवाल उठाए। रविवार को सीएम आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि चुनाव जीतने पर विपक्ष इसे अपना पुरुषार्थ बताता है, लेकिन जनता नकार दे तो ईवीएम और चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा करना दुर्भाग्यपूर्ण है। विपक्षी दलों को इस रवैये पर आत्मावलोकन करना चाहिए। न्यायपालिका, कैग और ईवीएम पर सवाल उठाने का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में भारत की न्यायपालिका पर प्रश्न खड़ा किया था। 2019 में राफेल के मुद्दे पर कैग पर भी सवाल उठाए गए थे। उन्होंने कहा कि ईवीएम के जरिए ही कांग्रेस की कई राज्यों और केंद्र में सरकार बनी है, ऐसे में उसे ब्लैक बॉक्स कहना दुर्भाग्यपूर्ण है।
योगी ने कहा कि 1975 में कांग्रेस ने लोकतंत्र का गला घोंटने का काम किया था। कई राज्यों में चुनी हुई सरकारों को अनैतिक तरीके से गिराने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कांग्रेस के इतिहास पर सवाल उठाए। बालाकोट और ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाने को लेकर निशाना
मुख्यमंत्री ने बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाने को लेकर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों पर सवाल खड़े करना देशभक्ति के अनुरूप नहीं है। लोकतंत्र में तोड़फोड़ की जगह नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल संवैधानिक प्रक्रिया को कठघरे में खड़ा करने का प्रयास कर रहे हैं। तीनों चुनाव आयुक्तों के बयान का किया उल्लेख योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तीनों चुनाव आयुक्तों ने एक साथ स्थिति स्पष्ट की है। इसके बावजूद कांग्रेस और अन्य दल बाल की खाल निकालकर संवैधानिक प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष को इस मामले में देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने एसआईआर पर विपक्ष की आपत्तियों को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि चुनावी हार के कारणों पर आत्मावलोकन करने के बजाय चुनाव आयोग और ईवीएम पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
Source link
एसआईआर पर विपक्ष के विरोध को योगी ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण:बोले- चुनाव हारने पर ईवीएम और आयोग पर सवाल उठाना विपक्ष का आत्मावलोकन का विषय