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जूही लाल कॉलोनी में सड़क 10 साल में कभी साफ नहीं हुई। पार्षद ने कभी यहां झांककर भी नहीं देखा…। यह आरोप वार्ड-84 जूही कलां के निवासी आशीष का है। ऐसी ही नाराजगी वार्ड के ज्यादातर मोहल्लों के निवासियों में देखने को मिली। जगह-जगह नाले जाम हैं। कूड़े के ढेर लगे हैं। पानी की सप्लाई हफ्तों तक ठप हो जाती है। बंद स्ट्रीट लाइटें और बदहाल रामलाल तालाब लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। लाल कॉलोनी सेंट्रल पार्क अस्पताल कई सालों से बंद पड़ा है। लोगों ने इसको दोबारा शुरू करने की मांग भी कई बार की। लेकिन यहां स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं की गईं। दैनिक भास्कर की वार्ड परिक्रमा के दौरान लोगों ने अपनी समस्याएं खुलकर सामने रखीं। उन्होंने बताया कि शिकायतों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पार्षद और नगर निगम के अधिकारी लापरवाही करते हैं। दैनिक भास्कर वार्ड परिक्रमा अभियान चला रहा है। इस कड़ी में वार्ड-84 का जायजा लिया गया… वार्ड के सेंट्रल पार्क में वर्षों से अस्पताल बंद पड़ा मिला। जलापूर्ति बाधित होने पर लोग सार्वजनिक टंकी से पानी भरने को मजबूर दिखे। कांशीराम कॉलोनी के पीछे कूड़े के ढेर और जाम नालियां बदहाल सफाई व्यवस्था की तस्वीर पेश कर रहे थे। वहीं रामलाल तालाब गंदगी से पटा मिला और उसके आसपास अतिक्रमण नजर आया। पहले ये नजारा देखिए… बंद अस्पताल, लोगों को सस्ते इलाज का इंतजार लाल कालोनी स्थित सेंट्रल पार्क कभी क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र था। यहां संचालित अस्पताल वर्षों पहले बंद हो गया, जिसके बाद स्थानीय लोगों को इलाज के लिए दूर जाना पड़ता है। लोगों का कहना है कि अस्पताल दोबारा शुरू होने से आसपास के हजारों लोगों को कम खर्च में इलाज मिल सकेगा। साथ ही पार्क का सुंदरीकरण कराया जाए ताकि बच्चों और बुजुर्गों को बेहतर सार्वजनिक स्थान मिल सके। हफ्तों नहीं आता पानी, गंदी सप्लाई से बढ़ी परेशानी लाल कालोनी, दरोगा लाइन और जूही क्षेत्र में पेयजल संकट सबसे बड़ी समस्याओं में शामिल है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई-कई दिनों तक जलकल की लाइन से पानी नहीं आता। जब पानी आता भी है तो वह गंदा और बदबूदार होता है। मजबूरी में लोगों को पीने का पानी खरीदना पड़ता है या दूसरे स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है। कूड़े के ढेर और जाम नालों से बढ़ रहा बीमारी का खतरा वार्ड के कई हिस्सों में कूड़े के ढेर और जाम नालियां दिखाई दीं। दरोगा लाइन के लोगों का कहना है कि पास की कांशीराम कॉलोनी से फेंका गया कूड़ा उनके इलाके में पहुंच जाता है। लोगों ने बताया कि लंबे समय से नालों की सफाई नहीं हुई है। इससे जलभराव, दुर्गंध और मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। रामलाल तालाब गंदगी और अतिक्रमण की चपेट में वार्ड परिक्रमा के दौरान रामलाल तालाब बदहाल हालत में मिला। तालाब में नालों का गंदा पानी गिर रहा था और चारों ओर कूड़ा फैला हुआ था। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि तालाब के आसपास अवैध कब्जे भी हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराकर उसका संरक्षण कराने की मांग की। बंद स्ट्रीट लाइटों से रात में बढ़ती परेशानी जूही कलां की कई गलियों में गंदगी फैली मिली। नालियां बजबजा रही थीं और कई जगह सड़क तक दिखाई नहीं दे रही थी। लोगों ने बताया कि अधिकांश स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से बंद हैं, जिससे रात में अंधेरा रहता है और लोगों को आवागमन में परेशानी के साथ असुरक्षा का भी सामना करना पड़ता है। वार्ड की बड़ी समस्याएं पेयजल संकट: कई-कई दिनों तक पानी नहीं आता और सप्लाई होने पर भी गंदा पानी मिलता है। बंद अस्पताल: सेंट्रल पार्क का अस्पताल वर्षों से बंद है, जिससे लोगों को इलाज के लिए दूर जाना पड़ता है। जाम नाले और गंदगी: नियमित सफाई नहीं होने से नालियां चोक हैं और कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। रामलाल तालाब की बदहाली: तालाब में गंदा पानी गिर रहा है और अतिक्रमण लगातार बढ़ रहा है। बंद स्ट्रीट लाइटें: कई गलियों में स्ट्रीट लाइटें खराब हैं, जिससे रात में अंधेरा रहता है। लोग बोले- अस्पताल शुरू हो, पानी और सफाई की समस्या दूर हो रिषभ प्रताप सिंह और महेंद्र तिवारी ने कहा कि सेंट्रल पार्क का अस्पताल दोबारा शुरू किया जाना चाहिए ताकि क्षेत्र के लोगों को सस्ती और नजदीक स्वास्थ्य सुविधा मिल सके। राजकुमारी, राज कुमार और चंद्रा भाटिया ने बताया कि वार्ड में पानी की भारी किल्लत है। कई-कई दिन तक पानी नहीं आता और गंदे पानी की सप्लाई अलग परेशानी है। तालाब, नालियां और स्ट्रीट लाइटें बनी चिंता का कारण सुरेश कुमार शुक्ला और कुलदीप सिंह ने कहा कि रामलाल तालाब में गंदा पानी गिरता है, अतिक्रमण बढ़ रहा है और सफाई नहीं होने से आसपास गंदगी फैली रहती है। समर बहादुर सोलंकी, अविरल ने बताया कि नालियों की सफाई नहीं होती, स्ट्रीट लाइटें बंद रहती हैं और कई गलियों में वर्षों से सफाई नहीं हुई है। —————— ये खबर भी पढ़िए… MLA बोले-सफाई नहीं होती, पूर्व विधायक ने कहा-अंधेर नगरी है:वार्ड-73 में दो विधायकों के आवास, फिर भी रास्ते जलमग्न, नाले जाम कानपुर कैंट से सटे दो विधायकों वाले वार्ड-73 जाजमऊ दक्षिणी में भी खराब सड़कें और गंदगी है। एक विधायक के आवास के सामने कूड़ा डंप हो रहा है तो दूसरे के घर के बाहर सड़क उखड़ी पड़ी है। आम लोगों के घरों के आसपास हालात और बदतर नजर आते हैं। नालियां जाम हैं। रास्तों पर जलभराव है। घरों में बदबूदार पेयजल पहुंच रहा है। घरों के बाहर कूड़े के ढेर लगे हैं। पार्क बदहाल हैं। सड़कें गड्ढों में तब्दील हैं। सफाई व्यवस्था को लेकर कैंट विधायक हसन रूमी ने पार्षद को कठघरे में खड़ा किया तो वहीं सीसामऊ के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी ने व्यवस्था को अंधेर नगरी करार दिया है। पढ़ें पूरी खबर… —————— ये खबर भी पढ़िए… कानपुर के VIP वार्ड-42 से विकास लापता, बदहाली हर तरफ:सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे, कूड़ा-कचरा; आनंदेश्वर मंदिर जाने में श्रद्धालुओं को होती दिक्कत कानपुर की मेयर प्रमिला पांडेय का निवास जिस वार्ड में है वहां भी विकास के दावे जमीन पर नहीं मिले। वार्ड-42 परमट 40 वर्षों से जलभराव की बीमारी झेल रहा है। लोगों ने बताया कि बारिश में सड़कें तालाब हो जाती हैं। पानी घरों और दुकानों में घुसता है। श्रद्धालुओं को गंदे पानी से होकर मंदिर तक पहुंचना पड़ता है। पढ़ें पूरी खबर…
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10 साल में एक बार भी साफ नहीं हुई सड़क…:वार्ड-84 के लोगों का आरोप, बोले-पानी मिलता नहीं और पार्षद झांकने भी नहीं आते हैं