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हाथरस में धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है। सिकंदराराऊ थाना क्षेत्र के कुटैरा (पोरा) निवासी रामभजन सिंह पुत्र नवाब सिंह ने हाथरस गेट कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके नाम पर फर्जी कागजात तैयार कर 5 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत करा लिया गया है। रामभजन सिंह ने बताया कि उन्हें आईडीबीआई बैंक लिमिटेड, अलीगढ़ रोड, हाथरस से एक नोटिस मिला, जिसके बाद उन्हें इस धोखाधड़ी का पता चला। जब वे आईडीबीआई बैंक पहुंचे, तो उन्हें जानकारी मिली कि बैंक मैनेजर संग्राम सिंह, फील्ड ऑफिसर राजकुमार सिंह, सिकंदराराऊ के कुटैरा (पोरा) निवासी रामजीत पुत्र तोफान सिंह, नगला तारासिंह निवासी महीपाल पुत्र चंद्रपाल सिंह और अमरवीर ने मिलकर यह साजिश रची है। इन सभी ने मिलकर रामभजन सिंह के नाम और उनकी जमीन के फर्जी कागजात तैयार किए। 29 फरवरी 2016 को उनके नाम पर 5 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत करा लिया गया। रामभजन सिंह ने बताया कि वे अनपढ़ व्यक्ति हैं और केवल अंगूठा लगाते हैं। उन्होंने आज तक बैंक नहीं देखा है। फार्म में पत्नी का नाम भी गलत… ऋण फॉर्म पर उनके नाम के अंग्रेजी में फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे। फॉर्म में उनकी पत्नी का नाम फूलमती लिखा गया है, जबकि उनकी पत्नी का वास्तविक नाम मोहन देवी है। बच्चों के नाम भी गलत दर्ज किए गए थे। ऋण फॉर्म में लगाई गई उनकी जमीन की फर्द के अनुसार, उनके हिस्से में एक बीघा तीन बिस्वा जमीन आती है। 2016 में इस जमीन की कीमत मुश्किल से एक लाख रुपये थी, लेकिन बैंक अधिकारियों ने साजिश के तहत इस पर पांच लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कर दिया। रामभजन सिंह को इस ऋण के बारे में आज तक कोई जानकारी नहीं थी। न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज… उन्होंने बैंक जाकर अपनी बात रखने की कोशिश की, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी और उन्हें वहां से भगा दिया गया। इसके बाद उन्होंने न्यायालय के आदेश पर हाथरस गेट कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।
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हाथरस में धोखाधड़ी, फर्जी कागजात से 5 लाख का लोन:बैंक मैनेजर समेत 5 पर मुकदमा दर्ज, नोटिस पहुंचने पर जानकारी हुई