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उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद में खाद संकट का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। भारतीय किसान यूनियन महात्मा टिकैत (भाकियू) ने किसानों को पर्याप्त खाद न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। संगठन के प्रदेश महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी रामदत्त मिश्रा ने शुक्रवार को प्रशासन और कृषि विभाग पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया। रामदत्त मिश्रा ने बताया कि 29 जून 2026 को हुई मासिक बैठक में कृषि विभाग और पीसीएफ विभाग के अधिकारियों ने तीन दिनों के भीतर किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। अधिकारियों ने यह भी कहा था कि प्रत्येक किसान को उसकी जोत के आधार पर प्रति हेक्टेयर सात बोरी यूरिया और पांच बोरी डीएपी दो चरणों में दी जाएगी। धान की रोपाई का कार्य प्रभावित हालांकि, भाकियू नेता के अनुसार, जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। किसान जब साधन सहकारी समितियों पर खाद लेने पहुंचते हैं, तो उन्हें उनकी जोत चाहे जितनी भी हो, केवल एक या दो बोरी खाद ही दी जा रही है। इससे बड़े किसानों को कई बार समितियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे धान की रोपाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। मिश्रा ने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई किसान 30 बीघे का काश्तकार है, तो उसे अपनी पूरी जरूरत की खाद लेने के लिए 15 बार समिति जाना पड़ेगा, जो व्यवहारिक नहीं है। उन्होंने बताया कि सोमवार, 6 जुलाई को संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल सहायक निबंधक सहकारिता (एआर) और जिला कृषि अधिकारी से मुलाकात कर इस मुद्दे पर वार्ता करेगा। किसानों के हित में आंदोलन शुरू रामदत्त मिश्रा ने स्पष्ट किया कि यदि वार्ता के बाद भी कोई ठोस परिणाम नहीं निकला, तो भारतीय किसान यूनियन महात्मा टिकैत किसानों के हित में आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि किसानों की समस्याओं का गंभीरता से समाधान किया जाए, ताकि समय पर खाद उपलब्ध हो सके और धान की रोपाई प्रभावित न हो।
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खाद संकट पर भाकियू महात्मा टिकैत की चेतावनी:फतेहपुर में प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की