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एटा के जलेसर कोतवाली क्षेत्र के मिसौली गांव में हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आने से दो चचेरे भाइयों की मौत हो गई। शनिवार को जब दोनों के शव गांव पहुंचे, तो पूरे इलाके में शोक का माहौल छा गया। जिस घर में तीन महीने बाद शादी की शहनाई बजनी थी, वहां से एक साथ दो अर्थियां उठने से ग्रामीण गमगीन हो गए। घटना शुक्रवार की है। मूल रूप से मिसौली निवासी बंटी गौतम (40) पिछले 15 वर्षों से ट्रक चलाता था और वर्तमान में आगरा के सती नगर में रहता था। उन्होंने आठ दिन पहले ही अपनी मेहनत की कमाई से एक नया ट्रक खरीदा था। बंटी नए वाहन के पूजन और पूरे परिवार को गंगा स्नान कराने के लिए अपने पैतृक गांव मिसौली आए थे। शुक्रवार को गांव से परिजनों को लेकर जैसे ही ट्रक आगे बढ़ा, तभी रास्ते में नीचे लटक रहे हाईटेंशन तार से ट्रक का ऊपरी हिस्सा छू गया। इससे पूरे वाहन में भीषण करंट दौड़ गया। हादसे में ट्रक मालिक बंटी गौतम और उनके चचेरे भाई रमन उर्फ छोटू (32) की मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान चार अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए।
हादसे में जान गंवाने वाले बंटी गौतम की पत्नी गुंजन सदमे में हैं। बंटी अपने पीछे दो मासूम बच्चों को छोड़ गए हैं। वहीं, मृतक रमन उर्फ छोटू की तीन महीने बाद शादी होनी थी, जिसकी तैयारियां घर में चल रही थीं। बंटी गौतम के माता-पिता आगरा के आईसीयू में भर्ती हैं और उन्हें अभी तक इकलौते बेटे की मौत की खबर नहीं दी गई है। एसडीएम पीयूष रावत ने बताया कि विद्युत विभाग से घटना की रिपोर्ट मांगी गई है और पीड़ित परिवार को हर संभव आर्थिक मदद दिलाई जाएगी। गम और आक्रोश के बीच भारी संख्या में मौजूद ग्रामीणों की मौजूदगी में दोनों भाइयों का अंतिम संस्कार किया गया। इस घटना के बाद से पूरे मिसौली गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और घरों में चूल्हे नहीं जले हैं। हादसे में गंभीर रूप से झुलसे रमन के पिता घनश्याम गौतम और मां विमलेश गौतम का इलाज आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के आईसीयू (ICU) में चल रहा है। मां विमलेश की हालत अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है। दुखों का पहाड़ यह है कि अस्पताल में भर्ती इन अभागे माता-पिता को अभी तक यह भी नहीं पता कि उनका इकलौता बेटा रमन अब इस दुनिया में नहीं रहा। डॉक्टरों की सलाह पर परिजनों ने उनसे यह बात छिपाकर रखी है।
प्रशासन ने बंधाया ढांढस, बिजली विभाग से मांगी रिपोर्ट
घटना के बाद से ही प्रशासनिक अमला पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। शनिवार को उप जिलाधिकारी (SDM) पीयूष रावत ने बताया कि यह बेहद दुखद और हृदयविदारक घटना है। पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते हुए उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन की ओर से मृतकों के आश्रितों को हर संभव आर्थिक सहायता प्रदान कराई जाएगी। एसडीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि गांव में नीचे लटक रहे तारों को लेकर विद्युत विभाग से विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है। रिपोर्ट आते ही लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और शासकीय आपदा कोष व अन्य कल्याणकारी योजनाओं से पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द बड़ी मदद दिलाई जाएगी।
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