सचिन प्रजापति | प्रयागराज3 मिनट पहले
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प्रयागराज के सिविल लाइंस स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा के बाहर बुधवार को बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। वे सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे थे। यह प्रदर्शन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के देशव्यापी आह्वान पर आयोजित किया गया।
दिन भर के काम के बाद शाम 6 बजे बड़ी संख्या में विभिन्न बैंक यूनियनों से जुड़े कर्मचारी और अधिकारी प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान बैंक कर्मियों ने सरकार और भारतीय बैंक संघ (IBA) के खिलाफ नारेबाजी की और पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को जल्द लागू करने की मांग उठाई।


बैंक यूनियन के जिला इकाई मंत्री ने बताया कि सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की यह मांग लंबे समय से लंबित है। इस मुद्दे पर पिछले वर्ष दिसंबर और जनवरी में भी आंदोलन चलाए गए थे। इसके बाद 27 जनवरी 2026 को देशभर में एक दिवसीय हड़ताल भी की गई थी, लेकिन अब तक सरकार या भारतीय बैंक संघ की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी के विरोध में बुधवार को देशभर में प्रदर्शन आयोजित किए गए।
उन्होंने कहा कि अन्य सरकारी और वित्तीय संस्थानों की तरह बैंकों में भी पांच दिवसीय कार्य प्रणाली लागू होनी चाहिए। इससे कर्मचारियों को बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस मिलेगा, जिससे लगातार बढ़ रहे मानसिक और शारीरिक तनाव में कमी आएगी और उनकी कार्य क्षमता में सुधार होगा।
जिला इकाई मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते दौर में पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था से ग्राहकों की सेवाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसके विपरीत, कर्मचारी अधिक ऊर्जा और बेहतर तरीके से ग्राहकों को सेवाएं प्रदान कर सकेंगे।
इस प्रदर्शन में एआईबीईए, एआईबीओसी, एनसीबीई, एआईबीओए, बीईएफआई, आईएनबीईएफ और आईएनबीओसी सहित विभिन्न बैंक यूनियनों के पदाधिकारी और सदस्य शामिल रहे। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगें नहीं मानीं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
