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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट की मल्टी-लेवल पार्किंग एवं अधिवक्ता (आवंटन एवं अधिभोग) नियमावली, 2026 की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया।
याची विजय प्रताप सिंह, जो स्वयं इलाहाबाद हाईकोर्ट में पंजीकृत अधिवक्ता हैं, ने अनुच्छेद 226 के तहत याचिका दाखिल कर नियमावली, 2026 को चुनौती दी थी। याचिका में नियमावली की वैधता, उसकी प्रयोज्यता और उसे बनाने के हाईकोर्ट के अधिकार पर सवाल उठाया गया था। न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ के समक्ष याची अधिवक्ता अरुण मिश्रा और हाईकोर्ट की ओर से अधिवक्ता राहुल श्रीवास्तव ने पक्ष रखा। संवैधानिक या वैधानिक कमी नहीं कोर्ट ने पाया कि याचिका के आधार खंड में इस तरह की किसी संवैधानिक या वैधानिक कमी का उल्लेख ही नहीं था। याचिका में यह भी नहीं बताया गया था कि नियमावली किस अनुच्छेद के विपरीत है। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ बयानों के आधार पर कानूनी दलील पर्याप्त नहीं होती, अगर याचिका में वैधता को चुनौती देने का ठोस आधार ही मौजूद न हो। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए ठोस आधारों पर दुबारा याचिका दायर करने की छूट दी है।
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हाईकोर्ट पार्किंग नियमावली की चुनौती याचिका खारिज:कोर्ट ने कहा- संवैधानिक या वैधानिक कमी का जिक्र नहीं