![]()
बलरामपुर में ऑपरेशन कनविक्शन के तहत बलरामपुर पुलिस की मजबूत पैरवी का असर एक बार फिर देखने को मिला है। नाबालिग से छेड़खानी के मामले में दोषी पाए गए आरोपी राजू को कोर्ट ने 3 साल 6 महीने की जेल और 2,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला साल 2019 का है। 16 जुलाई 2019 को थाना कोतवाली उतरौला क्षेत्र की एक महिला ने पुलिस को शिकायत दी थी। महिला ने आरोप लगाया था कि राजू ने उसकी बेटी के साथ छेड़खानी की है। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने आईपीसी और पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 के तहत केस दर्ज किया। मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर उमेश सिंह ने की और सबूतों के आधार पर कोर्ट में चार्जशीट पेश की। अभियोजन पक्ष ने मजबूत पैरवी की इसके बाद केस की सुनवाई के दौरान बलरामपुर पुलिस के मॉनीटरिंग सेल और अभियोजन पक्ष ने लगातार मजबूत पैरवी की। एसपी मार्तण्ड प्रकाश सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे दोषी ठहराने के अभियान के तहत मॉनीटरिंग सेल के नोडल प्रभारी की अगुवाई में विशेष लोक अभियोजक पवन कुमार वर्मा, प्रभारी मॉनीटरिंग सेल देवेन्द्र कुमार मिश्रा और थाना कोतवाली उतरौला पुलिस ने कोर्ट में मजबूती से अपना पक्ष रखा। नतीजा यह रहा कि एएसजे/एसपीएल पॉक्सो कोर्ट, बलरामपुर ने आरोपी राजू को आईपीसी की धारा 452 और 354ख के तहत दोषी ठहराया। कोर्ट ने उसे 3 साल 6 महीने के कारावास और 2,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
Source link
नाबालिग से छेड़खानी: दोषी को 3.6 साल की जेल:ऑपरेशन कनविक्शन के तहत कोर्ट ने 2 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया