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संभल के शाही जामा मस्जिद-श्रीहरिहर मंदिर विवाद, वाराणसी के ज्ञानवापी और मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को नोटिस जारी किए हैं। अदालत ने इन संवेदनशील धार्मिक विवादों में आपसी सहमति की संभावना तलाशने के लिए मामलों को अगस्त में आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत ‘समाधान’ के लिए भेजा है। हालांकि, मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ताओं का कहना है कि ऐसे विवादों का अंतिम फैसला केवल अदालत ही कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट की पहल पर सुलह की कोशिश सुप्रीम कोर्ट 21, 22 और 23 अगस्त 2026 को अपने परिसर में ‘समाधान’ नाम से विशेष लोक अदालत का आयोजन करेगा। इसी के मद्देनजर संभल के शाही जामा मस्जिद-श्रीहरिहर मंदिर विवाद, वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद विवाद और मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद से जुड़े पक्षकारों को नोटिस जारी कर सुलह की कार्यवाही में शामिल होने का अवसर दिया गया है। मुस्लिम पक्ष: फैसला अदालत ही करे संभल मामले में मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता शकील वारसी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से यह निर्देश दिया गया है कि यदि आपसी सहमति की संभावना हो तो पक्षकार प्रयास कर सकते हैं। हालांकि उनका कहना है कि यह तय करना कि संबंधित स्थल मंदिर है या मस्जिद, न्यायालय का अधिकार क्षेत्र है और इसका निर्णय केवल अदालत ही कर सकती है। उन्होंने कहा कि मामला दोनों समुदायों की आस्था से जुड़ा है, इसलिए न्यायिक फैसला ही उचित होगा। मस्जिद पक्ष के अधिवक्ता कासिम जमाल ने कहा कि उन्हें अभी तक कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि नोटिस मिलने पर कानूनी राय लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि मस्जिद का स्वरूप 1877 में न्यायालय के निर्णय से स्पष्ट हो चुका था। हिंदू पक्ष ने नोटिस की जानकारी से किया इनकार हिंदू पक्ष के अधिवक्ता श्रीगोपाल शर्मा ने कहा कि उन्हें अब तक इस संबंध में कोई नोटिस या आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि उनके संज्ञान में ऐसा कोई दस्तावेज नहीं आया है। 21 जुलाई को संभल मामले की सुनवाई संभल के शाही जामा मस्जिद बनाम श्रीहरिहर मंदिर विवाद की अगली सुनवाई 21 जुलाई को चंदौसी स्थित सिविल सीनियर डिवीजन कोर्ट में निर्धारित है। वहीं 14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी और जामा मस्जिद ट्रस्ट की याचिका पर सुनवाई प्रस्तावित है, जिसमें दोनों पक्ष अपने-अपने दावे रखेंगे। यह याचिका हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए दायर की गई है।
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संभल विवादित स्थल: हिंदू-मुस्लिम में समझौता नहीं होगा:मुस्लिम पक्ष बोला- सुप्रीम कोर्ट ही निर्णय करें, दोनों पक्षों को नोटिस