शिक्षा मित्रों का मानदेय 18,000 रुपये हुआ:सुलतानपुर में संगठन ने मनाया जश्न, स्थायीकरण की मांग जारी


उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा मित्रों के मानदेय में वृद्धि की है। लंबे समय से लंबित इस मांग पर सकारात्मक कदम उठाते हुए सरकार ने उनका मासिक मानदेय 10,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दिया है। इस फैसले के बाद मंगलवार को सुलतानपुर में प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ ने खुशी व्यक्त की। प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के जिलाध्यक्ष बृजेश पाण्डेय ने बताया कि यह वृद्धि 8,000 रुपये की है। उन्होंने इसे शिक्षा मित्रों के धैर्य और लंबे संघर्ष की जीत बताया। शिक्षा मित्र वर्ष 2017 से 10,000 रुपये के मानदेय पर कार्यरत थे। पाण्डेय ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि सरकार 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें उनके पुराने सम्मानजनक पद, सहायक अध्यापक, पर वापस नियुक्त करने का निर्णय भी लेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संघ और सरकार के बीच वार्ता का क्रम निरंतर जारी रहेगा। महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष प्रांजलि श्रीवास्तव ने अन्य महिला शिक्षा मित्रों के साथ 18,000 रुपये का प्रतीकात्मक चेक और बुके लेकर अपनी खुशी का इजहार किया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मानदेय में हुई यह वृद्धि वर्तमान महंगाई के दौर में शिक्षा मित्रों के परिवारों को कुछ आर्थिक संबल प्रदान करेगी। उन्होंने कैशलेस चिकित्सा योजना की सुविधा देने के लिए भी सरकार को धन्यवाद दिया। प्रांजलि श्रीवास्तव ने सरकार से अपील की कि भविष्य में उन्हें स्थायी शिक्षक (परामर्शदाता/पैरा-टीचर) के रूप में नियुक्त कर उनका भविष्य पूरी तरह सुरक्षित किया जाए। इससे उन्हें 40,000 से 42,000 रुपये तक का सम्मानजनक वेतन मिल सकेगा। बृजेश पाण्डेय ने बताया कि शिक्षा मित्र संघ के संरक्षक और विधान परिषद सदस्यों (MLCs) के माध्यम से मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाई जा रही है। संघ का अगला लक्ष्य मानदेय वृद्धि के साथ-साथ पूर्ण सुरक्षित भविष्य और स्थायीकरण प्राप्त करना है।

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