![]()
राहुल गांधी की कथित दोहरी नागरिकता से जुड़े विवाद मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने खुद को सुनवाई से अलग कर लिया है। न्यायालय ने मामले के रिकॉर्ड को मुख्य न्यायमूर्ति के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है, ताकि नई बेंच को यह मामला आवंटित किया जा सके। सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने याची एस. विग्नेश शिशिर द्वारा सोशल मीडिया पर की गई कई विवादित पोस्ट का उल्लेख किया। इन पोस्ट्स में अदालत पर गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिनमें ‘फाउल प्ले’, ‘बैक रूम एक्सरसाइज’ और ‘डीप स्टेट’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था, जिससे न्यायालय की निष्पक्षता पर सवाल उठे। न्यायालय ने इन टिप्पणियों को गंभीरता से लिया और कहा कि याची ने अदालत के प्रति अपना विश्वास खो दिया है। इन पोस्ट्स से सार्वजनिक रूप से अदालत की गरिमा को ठेस पहुंची है। एकल पीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि ऐसे आरोप न्यायालय पर आक्षेप लगाने के समान हैं और ऐसी स्थिति में इसी पीठ द्वारा मामले की सुनवाई जारी रखना उचित नहीं है। इसके अतिरिक्त, न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की कि याची और अन्य अधिवक्ताओं द्वारा कानून की सही स्थिति अदालत के समक्ष प्रस्तुत नहीं की गई। इससे न्यायिक समय की अनावश्यक हानि हुई। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए न्यायालय ने कहा कि अधिवक्ताओं का कर्तव्य है कि वे न्यायालय की निष्पक्ष सहायता करें और सही कानूनी स्थिति प्रस्तुत करें।
Source link
राहुल गांधी नागरिकता विवाद: हाईकोर्ट जज सुनवाई से अलग:याची की सोशल मीडिया टिप्पणियों को अदालत पर प्रतिकूल माना