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रायबरेली। नगर पालिका परिषद रायबरेली के वार्ड संख्या 11 और 12 (महानन्दपुर) में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। सार्वजनिक कूड़ेदान (डस्टबिन) की सुविधा न होने के कारण स्थानीय लोग सड़क किनारे कचरा फेंकने को मजबूर हैं, जिससे गंदगी का बड़ा ढेर लग गया है। इस गंदगी के कारण यहां से गुजरना तक दूभर हो गया है और उठने वाली दुर्गंध ने स्थानीय लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। सड़क किनारे जमा इस कचरे में केवल घर का वेस्ट ही नहीं, बल्कि प्लास्टिक और अन्य हानिकारक चीजें भी शामिल हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि छुट्टा मवेशी (गाय आदि) इस कचरे के ढेर को खाने के लिए मजबूर हैं। कचरे के साथ प्लास्टिक निगलने से मवेशियों के बीमार होने और उनकी जान जाने का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बार-बार शिकायत के बावजूद नगर पालिका के सफाई कर्मी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। निवासियों का कहना है कि वार्ड में सफाई कर्मियों द्वारा घोर लापरवाही बरती जा रही है। कूड़ा समय पर न उठाए जाने और डस्टबिन की अनुपलब्धता के कारण वार्ड की गलियां और सड़कें कचरा घर में तब्दील हो गई हैं। गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बनी हुई है। स्वच्छ भारत मिशन के दावों के बीच महानन्दपुर की यह दुर्दशा नगर पालिका की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। अब देखना यह है कि संबंधित अधिकारी इस गंभीर समस्या का समाधान कब तक निकालते हैं। इस पूरे मामले को लेकर अधिशासी अधिकारी स्वर्ण सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी पहले से है जल्द ही वहां पर कूड़ा दान रखने की व्यवस्था की जा रही है इतना ही नहीं उन्होंने यह भी बताया कि इसी वार्ड में अन्य स्थानों पर कूड़ा दान रखे हुए हैं। जिसमें जनता अपशिष्ट डालने का प्रयोग के लिए प्रयोग कर रही है।
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रायबरेली के वार्डों में कूड़ेदान नहीं, सड़कों पर गंदगी:नगर पालिका की लापरवाही से स्वच्छ भारत मिशन पर सवाल