जज के सरकारी आवास में निकला 5 फीट का सांप:सर्पमित्र ने सुरक्षित रेस्क्यू किया, परिवार ने ली राहत की सांस


इटावा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित अंबेडकर चौराहा के पास न्यायिक अधिकारियों के सरकारी आवास परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज संजय कुमार चतुर्थ (IV) के सरकारी आवास बी-17 के गार्डन में करीब पांच फीट लंबा सांप दिखाई दिया। सांप को देखते ही वहां मौजूद सुरक्षा कर्मी सतर्क हो गए और तत्काल आवास में मौजूद लोगों को इसकी जानकारी दी। सांप दिखने से पूरे परिवार और आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर जज संजय कुमार ने सर्पमित्र डॉ. आशीष त्रिपाठी से संपर्क किया। सूचना मिलते ही डॉ. त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और काफी सावधानी के साथ सांप का रेस्क्यू अभियान शुरू किया। कुछ देर की मशक्कत के बाद उन्होंने सांप को सुरक्षित पकड़ लिया, जिससे वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। डॉ. आशीष त्रिपाठी ने बताया कि पकड़ा गया सांप रेट स्नेक, जिसे स्थानीय भाषा में घोड़ा पछाड़ कहा जाता है, था। इसका वैज्ञानिक नाम पत्यास म्यूकोसा (Ptyas mucosa) है। यह विषहीन प्रजाति का सांप होता है और मनुष्यों के लिए घातक नहीं माना जाता। उन्होंने बताया कि यह सांप खेतों में चूहों और अन्य हानिकारक जीवों की संख्या नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए इसे किसान मित्र भी कहा जाता है। रेस्क्यू के बाद वन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार सांप को उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया। डॉ. त्रिपाठी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या अंधविश्वास का सहारा लेने के बजाय सीधे अस्पताल जाकर चिकित्सकीय उपचार कराना चाहिए, क्योंकि देरी जानलेवा साबित हो सकती है। एडीजे संजय कुमार ने बताया कि आवास परिसर में इतना बड़ा सांप देखकर परिवार के सभी लोग घबरा गए थे, लेकिन सुरक्षित रेस्क्यू होने के बाद सभी ने राहत महसूस की। उन्होंने कहा कि सभी सांप वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित हैं और उन्हें नुकसान पहुंचाना कानूनन अपराध है। उन्होंने लोगों से वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की अपील की।

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