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बिजनौर कोर्ट ने 22 साल पुराने एक मामले में युवती के अपहरण और दुष्कर्म के दोषी सुरेश कुमार उर्फ सुरेंद्र को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला जज कमलदीप (एफटीसी संख्या 2) ने दोषी पर 85 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला हीमपुर क्षेत्र से जुड़ा है। एडीजीसी मुकुल राठौर ने बताया कि हीमपुर दीपा निवासी सुरेश कुमार उर्फ सुरेंद्र पुत्र नथवा ने एक गरीब मजदूर की बेटी को सतत शिक्षा केंद्र में सिलाई-कढ़ाई के काम पर रखने का झांसा दिया था। आरोपी ने युवती को नौकरी दिलाने का वादा किया, जबकि उसके पिता ने बताया था कि उनकी बेटी केवल पांचवीं पास है। आरोपी ने पांचवीं पास युवती के लिए आठवीं पास के फर्जी दस्तावेज भी तैयार किए थे। घटना 16 अगस्त 2004 की है, जब आरोपी सुरेश कुमार युवती के घर आया। उसने युवती के काम के पैसे भुगतान कराने का बहाना बनाकर उसे बहला-फुसलाया। युवती के पिता ने अपनी बेटी और छोटे बेटे अनिल को आरोपी के साथ भेज दिया। शाम को जब अनिल घर लौटा, तो उसने बताया कि आरोपी उसकी बहन को कहीं और ले गया है। पिता ने अपनी बेटी की काफी तलाश की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। पीड़ित पिता ने इसकी सूचना थाने में दी, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने अदालत के माध्यम से मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने जांच-पड़ताल करते हुए युवती को बरामद किया और मजिस्ट्रेट के समक्ष उसके बयान दर्ज कराए, जिसमें पीड़िता ने अपनी आपबीती बताई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की सुनवाई के दौरान पीड़िता ने अपने बयानों में पुष्टि की कि आरोपी उसे बहला-फुसलाकर ले गया था और उसके साथ दुष्कर्म किया था। अदालत ने पेश किए गए सबूतों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया और उसे यह सजा सुनाई।
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युवती के अपहरण-दुष्कर्म दोषी को 10 साल की सजा:बिजनौर कोर्ट ने 22 साल पुराने मामले में सुनाया फैसला