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लंबित मांगों को लेकर नर्सिंग संघ का विरोध प्रदर्शन जारी है। मेरठ में भी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और महिला अस्पताल समेत विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में नर्सों ने हाथों पर काली पट्टी बांधकर ड्यूटी की और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। नर्सिंग कर्मचारियों का कहना है कि फिलहाल मरीजों के उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित किए बिना सांकेतिक प्रदर्शन किया जा रहा है। यह विरोध 20 तारीख तक जारी रहेगा। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं हुईं तो उच्च स्तर पर निर्णय लेकर कार्य बहिष्कार किया जा सकता है। नर्सिंग कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में वेतन और भत्तों से जुड़ी विसंगतियां दूर करना, नर्सिंग स्टाफ को समान भत्ते देना और स्थानांतरण नीति में राहत देना शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि नर्सिंग संवर्ग की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए स्थानांतरण की व्यवस्था बनाई जाए। महिला कर्मचारियों की पारिवारिक जिम्मेदारियों को देखते हुए गृह जनपद या सुविधानुसार तैनाती का विकल्प भी दिया जाए। इसके अलावा लंबे समय से लंबित पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी करने और अस्पतालों में खाली पदों पर नियमित भर्ती करने की मांग भी उठाई जा रही है। नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि कर्मचारियों की कमी के कारण मौजूदा स्टाफ पर काम का दबाव बढ़ता है, जिसका असर कार्य व्यवस्था पर पड़ सकता है। 20 तारीख तक सांकेतिक प्रदर्शन नर्सिंग कर्मचारियों के अनुसार, फिलहाल काली पट्टी बांधकर काम करते हुए विरोध दर्ज कराया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 20 तारीख तक इसी तरह प्रदर्शन जारी रहेगा। निर्धारित अवधि तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने की स्थिति में आगे की रणनीति उच्च स्तर पर तय की जाएगी और कार्य बहिष्कार का कदम उठाया जा सकता है। फिलहाल कर्मचारी ड्यूटी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में विरोध जता रहे हैं।
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मेरठ में नर्सों का काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन:लंबित मांगों को लेकर जताया रोष, 20 तारीख के बाद कार्य बहिष्कार की चेतावनी