महिला आयोग अध्यक्ष बोलीं- अब एक भी केस पेंडिंग नहीं:CSJMU में अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने कहा- हम परिवार जोड़ने का काम कर रहे


महिलाओं को केवल उनके अधिकार पता होना काफी नहीं है, बल्कि उन अधिकारों का इस्तेमाल कैसे करना है, यह समझना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। इसी सोच के साथ छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के पंडित दीन दयाल उपाध्याय सभागार में एक खास जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र और विधिक सहायता क्लिनिक ने ‘मिशन शक्ति’ के तहत छात्राओं को उनके कानूनी सुरक्षा कवच के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान शामिल हुईं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि महिला आयोग अब केवल शिकायतों का केंद्र नहीं, बल्कि एक ‘परिवार आयोग’ की तरह काम कर रहा है। आयोग में एक भी केस पेंडिंग नहीं: डॉ. बबीता सिंह डॉ. बबीता सिंह चौहान ने छात्राओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि आयोग इस संकल्प के साथ काम कर रहा है कि समाज की अंतिम महिला के आत्मनिर्भर होने तक हर समस्या का समाधान किया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में महिला आयोग में कोई भी मामला लंबित नहीं है। उन्होंने राजनीति और समाज में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की अहमियत पर भी जोर दिया। कानूनी साक्षरता डरें नहीं, डटकर मुकाबला करें अक्सर देखा जाता है कि कानूनी पेचीदगियों के डर से महिलाएं अन्याय सह लेती हैं। इसी हिचक को दूर करने के लिए कार्यक्रम में तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। डॉ. वंदना पाठक और डॉ. नीरजा दुबे ने छात्राओं को बताया कि भारतीय संविधान में उनके लिए क्या-क्या सुरक्षा उपाय दिए गए हैं। विशेषज्ञों ने समझाया कि कैसे विधिक सहायता क्लिनिक के जरिए छात्राएं अपनी छोटी से छोटी समस्या का कानूनी समाधान पा सकती हैं। सुरक्षित कैंपस विश्वविद्यालय की प्राथमिकता विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार श्री राकेश कुमार मिश्रा ने कैंपस को छात्राओं के लिए और अधिक सुरक्षित बनाने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि विधिक सहायता क्लिनिक की सक्रियता से छात्राओं को अपनी बात रखने के लिए एक मजबूत मंच मिला है। कार्यक्रम की शुरुआत प्रो. रश्मि गोरे के स्वागत भाषण से हुई, जिन्होंने महिलाओं में बढ़ती कानूनी समझ को समाज की प्रगति के लिए अनिवार्य बताया। इस कार्यक्रम में प्रो-वाइस चांसलर प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी सहित कई वरिष्ठ शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम के अंत में डॉ. हीना वैष ने सभी का आभार व्यक्त किया। यह आयोजन न केवल शिक्षा के लिहाज से बल्कि सामाजिक न्याय की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित हुआ।

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