बलिया में संयुक्त किसान मोर्चा का प्रदर्शन:भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौता रोकने की मांग


बलिया कलक्ट्रेट स्थित धरना स्थल पर बुधवार दोपहर संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों ने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित नौ सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी प्रतिनिधि को सौंपा। मोर्चा के सदस्यों ने भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते पर प्रधानमंत्री के हस्ताक्षर या स्वीकृति को रोकने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत के किसानों की आर्थिक स्थिति और उनके जीवन को खराब करेगा। यह छोटे उत्पादकों के हित में नहीं है और देश के घरेलू बाजार को वैश्विक कंपनियों की लूट के लिए खोल देगा। किसानों ने तर्क दिया कि भारत की कृषि व्यवस्था पहले से ही संकटों से गुजर रही है, जिससे किसान आत्महत्या कर रहे हैं। यह समझौता उन्हें और बदहाली की ओर धकेलेगा। उन्होंने इसे देश हित में नहीं बताया, क्योंकि देश की लगभग 80% से अधिक आबादी कृषि पर निर्भर है। मोर्चा ने इसे अमेरिकी साम्राज्यवाद के सामने देश का आत्मसमर्पण भी करार दिया। मोर्चा की अन्य मांगों में कृषि संकट का स्थायी समाधान निकालना, किसानों एवं मजदूरों की बढ़ती आत्महत्या को रोकना और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों (सी2+50%) के अनुसार कानून बनाकर फसलों की खरीद सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, किसानों और मजदूरों के सभी प्रकार के कर्ज माफ करने, चार श्रम संहिताओं को रद्द कर पुराने श्रम कानूनों को लागू करने, वीबीजी रामजी एक्ट 2025 को रद्द कर मनरेगा में 200 दिनों का काम देने, बिजली बिल संशोधन 2025 को रद्द करने तथा शिक्षा का निजीकरण वापस लेकर शिक्षा व रोजगार की गारंटी देने और पेपर लीक रोकने की मांग की गई। मोर्चा के सदस्यों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे दिल्ली के चारों ओर घेराव करने को मजबूर होंगे। इस अवसर पर जनार्दन राय, परमानंद राय, लक्ष्मण पाण्डेय, अशोक कुमार पाण्डेय, तुषार कुमार सिंह, विजय शंकर, कन्हैया, शैलेन्द्र, मुनीब और अंजु सहित कई सदस्य मौजूद रहे।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *