![]()
बलरामपुर में कजरी तीज के मौके पर सोमवार देर रात से ही कांवड़ यात्रा शुरू हो गई। राप्ती नदी से जल भरकर लाखों शिवभक्त करीब 17 किलोमीटर पैदल चलकर राजापुर-भरिया जंगल स्थित प्राचीन कल्पेश्वर महादेव (जंगली नाथ) मंदिर पहुंचे। पीले कपड़े पहने कांवड़ियों के ‘बोल बम’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयघोष से पूरा इलाका भक्तिमय हो गया। राप्ती नदी से मंदिर तक कांवड़ियों के जत्थे लगातार आगे बढ़ते रहे। डीजे की धुन पर नाचते-गाते बढ़े कांवड़िए कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं में थकान के बावजूद उत्साह नजर आया। यात्रा के साथ चल रहे डीजे पर बज रहे भक्ति गीतों के बीच कांवड़िए नाचते-गाते आगे बढ़ते रहे। रास्ते में लगातार ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारे सुनाई देते रहे।
रास्ते में ग्रामीणों ने की श्रद्धालुओं की सेवा कांवड़ मार्ग पर स्थानीय लोगों और स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह सेवा शिविर लगाए। कई स्थानों पर पानी के फव्वारे, पीने के पानी और प्रसाद की व्यवस्था की गई। ग्रामीणों ने कांवड़ियों का स्वागत किया और उन्हें आराम पहुंचाया। 17 किलोमीटर लंबे कांवड़ मार्ग पर श्रद्धालुओं की सेवा और भक्ति का माहौल देखने को मिला।
कल्पेश्वर महादेव मंदिर में किया जलाभिषेक कल्पेश्वर महादेव मंदिर पहुंचने के बाद कांवड़ियों ने राप्ती नदी से लाए पवित्र जल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं ने बेलपत्र, फूल, दूध और दही चढ़ाकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके अलावा झारखंडी मंदिर और झारखंडेश्वर महादेव मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जल चढ़ाया। मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय भोले’ के जयकारों से गूंजता रहा।
भीड़ को देखते हुए प्रशासन अलर्ट कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट रहा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यात्रा को व्यवस्थित रखने के लिए कांवड़ मार्ग और भीड़ वाले स्थानों पर निगरानी की गई। व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी इंतजाम किए गए थे।
Source link
बलरामपुर में कजरी तीज पर कांवड़ियों का सैलाब उमड़ा:कल्पेश्वर महादेव समेत प्रमुख शिवालयों में हुआ जलाभिषेक, रास्तेभर गूंजते रहे भक्ति गीत