![]()
बरेली पुलिस महकमे में उस समय हड़कंप मच गया जब थाना बारादरी के चार पुलिसकर्मियों के कारनामे सामने आए। इन पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप हैं कि उन्होंने एक प्रॉपर्टी डीलर के साथ मिलकर एक व्यक्ति को अवैध रूप से बंधक बनाया। उससे मोटी रकम ऐंठने की साजिश रची। इस पूरे मामले की जानकारी जब एसएसपी अनुराग आर्य को हुई, तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से चारों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। प्रॉपर्टी डीलर से सांठगांठ और अवैध हिरासत घटना की शुरुआत एक प्लॉट सौदे से हुई। पीड़ित व्यक्ति ने 12 मई को एक प्रॉपर्टी डीलर को जमीन खरीदने के लिए 10 लाख रुपए की बड़ी रकम दी थी। लेकिन प्रॉपर्टी डीलर ने न तो एग्रीमेंट कराया और न ही पैसे वापस करने की नीयत दिखाई। पीड़ित जब अपने पैसे मांगने लगा तो प्रॉपर्टी डीलर ने थाना बारादरी के इन पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर उसे ठिकाने लगाने की योजना बनाई। आरोप है कि उक्त पुलिसकर्मियों ने पीड़ित को अपने जाल में फंसाया और उसे जबरन पकड़कर अपने आवास पर अवैध रूप से बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उसे छोड़ने के बदले पैसे की मांग की गई। थाना प्रभारी की जांच रिपोर्ट पर एसएसपी का कड़ा एक्शन इस पूरे मामले की शिकायत मिलने के बाद थाना प्रभारी बारादरी बिजेन्द्र सिंह को जांच के आदेश दिए गए थे। थाना प्रभारी द्वारा दी गई विस्तृत रिपोर्ट में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता पूरी तरह स्पष्ट हो गई। रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी अनुराग आर्य ने बिना देरी किए चारों पुलिसकर्मियों- मुख्य आरक्षी आशीष मिश्रा, मुख्य आरक्षी राहुल कुमार, आरक्षी सिद्धांत चौधरी और आरक्षी आदित्य प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एसएसपी अनुराग आर्य ने इस मामले को अनुशासनहीनता और गंभीर अपराध की श्रेणी में रखते हुए विभागीय जांच भी शुरू करवा दी है।
Source link
बरेली में बारादरी थाना के चार पुलिसकर्मी निलंबित:वर्दी की आड़ में कर रहे थे वसूली, प्रॉपर्टी डीलर के साथ मिलकर रची साजिश