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रामपुर में मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा लगाए गए संकेत बोर्ड को लेकर विवाद और चर्चाओं का दौर दूसरे दिन भी जारी रहा। गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात बड़ी संख्या में लोग विश्वविद्यालय के गेट पर बोर्ड देखने पहुंचे। देर रात तक मौके पर लोगों के बीच इस मुद्दे को लेकर बहस होती रही। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का कहना है कि संबंधित मार्ग सरकारी सड़क है और इसका निर्माण सरकारी धन से हुआ है। बोर्ड देखने पहुंचे अधिकांश लोगों ने इसे विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने लगाए जाने पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि जहां हजारों छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त करते हैं, वहां इस प्रकार का बोर्ड लगाना उचित नहीं है। कई लोगों ने इसे शिक्षण संस्थान की गरिमा से जुड़ा विषय बताते हुए बोर्ड के स्थान पर पुनर्विचार की मांग की। स्थानीय लोगों ने रखी अपनी राय स्थानीय निवासी अब्दुल सलाम ने कहा कि यह सामान्य सार्वजनिक रास्ता नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय का प्रवेश मार्ग है। उनके अनुसार, आम रास्ता दूसरी ओर से होकर गुजरता है और विश्वविद्यालय के गेट के सामने बोर्ड लगाने के बजाय किसी अन्य उपयुक्त स्थान का चयन किया जाना चाहिए था। वहीं, स्थानीय निवासी राशिद ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के साथ अन्याय किया जा रहा है। उनका कहना था कि ऐसे कदमों से शिक्षण संस्थान की छवि प्रभावित होती है और अनावश्यक विवाद पैदा होते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय की गरिमा बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार लगातार दूसरी रात बड़ी संख्या में लोगों के मौके पर पहुंचने से यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, बोर्ड लगाए जाने के उद्देश्य और उसके स्थान को लेकर लोक निर्माण विभाग या जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। ऐसे में लोगों के बीच इस मुद्दे को लेकर चर्चाओं का सिलसिला जारी है।
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जौहर यूनिवर्सिटी गेट पर PWD बोर्ड को लेकर चर्चा:दूसरे दिन भी लोग देखने पहुंचे, देर रात तक जुटी भीड़, पीडब्ल्यूडी बोला- यह सरकारी सड़क है