फीलखाना थाना प्रभारी समेत दो दरोगा सस्पेंड:CBI अफसर बनकर ज्वैलर्स से हुई थी टप्पेबाजी, अफसरों से छिपायी थी गिरफ्तारी की जानकारी


ज्वैलर्स से टप्पेबाजी के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी प्रक्रिया का उल्लंघन करने और अफसरों को गिरफ्तारी की समय पर जानकारी न देने के आरोप में फीलखाना थाना प्रभारी और दो दरोगा को पुलिस कमिश्नर ने सस्पेंड कर दिया है। साथ ही पुलिस कमिश्नर ने विभागीय जांच के भी आदेश दिए है। 7 मई की शाम को हुई थी घटना पनकी सी ब्लॉक निवासी अवनीश मिश्रा की पनकी पॉवर हाउस में त्रिमूर्ति ज्वैलर्स के नाम से दुकान है। अवनीश ने बताया कि बिरहाना रोड स्थित एक दुकान में रिपेयरिंग व फिनशिंग के लिए जेवर दिए थे। 7 मई की शाम करीब 7:20 पर वह अपने साथी कर्मचारी आशीष मिश्रा के साथ जेवर उठाकर फूलबाग में खड़ी बाइक के पास जा रहे थे। तभी कृष्णा ज्वैलर्स के सामने एक शातिर ने उन्हे रोका और कहा इधर आओ साहब बुला रहे। वह मौके पर पहुंचे तो युवक ने खुद को सीबीआई अफसर बताते हुए कहा कि कुछ लोग बैग में बम लेकर घूम रहे है, जिनका मकसद धमाका करना है… लाओ बैग चेक कराओ। जबरन बैग लेने पर आशीष ने एतराज जताया तो उसे 3 थप्पड़ मार चुप रहने को कहा। इस दौरान बैग के अंदर की एक जेब में रखा बॉक्स पार कर दिया, इसके बाद अवनीश बैग छीनकर एक ज्वैलर्स की दुकान में घुए गए। 13 लाख का माल पार कर ले गए थे अवनीश ने दुकानदार को जानकारी दी तो मौके से भाग निकले थे। अवनीश ने बताया था कि बॉक्स में सोने के दो हार, चार कंगन, नथुनी समेत 13 लाख का माल आरोपी लूटकर भाग निकले। अवनीश ने कहाथा कि चेकिंग के दौरन जब कर्मचारी आशीष ने एतराज जाताया तो उसे पहले मारा, फिर शातिर ने अपने साथी से कहा कि इनको जीप में भरो और थाने ले चलो। देखते है कि वहां कितना मुंह चलाते हैं। यह सुन सर्राफ सहम गया था और उसने चेकिंग करने की इजाजत दे दी थी। थाना प्रभारी ने गिरफ्तारी प्रक्रिया का नहीं किया पालन आरोप था कि चेकिंग के दौरान जब अवनीश ने कहा कि, सर इसमें सोना है बस बाकी कुछ नहीं। यह सुन शातिरों ने कहा कि तुम लोग दुबई से सोना लाकर यहां स्मगलिंग कर रहे हो, अब तो तुमको जेल होगी। डीसीपी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि फीलखाना थाना प्रभारी अजय मिश्रा, दरोगा करन पाल सिंह और अनिल कुमार के साथ मध्य प्रदेश के होशंगाबाद गए थे। वहां उन्होंने शेख मुख्तार उमर को पकड़ा और उससे चूड़ी और हार भी बरामद कर लिया था, लेकिन इसकी सूचना अधिकारियों को काफी देर से दी थी। इसके साथ ही शेख मुख्तार उमर की गिरफ्तारी प्रक्रिया का पालन भी नहीं किया गया। जिसके बाद पुलिस कमिश्नर के आदेश पर थाना प्रभारी समेत दो दरोगाओं को सस्पेंड करने के आदेश दिए गए है।

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