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आगरा में लोहामंडी पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों से पांच फर्म बनाकर 45 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) चोरी के मामले में मेरठ के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से लैपटॉप और मोबाइल बरामद हुए हैं। जांच में 20 अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आए हैं। एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह ने बताया कि राज्य कर अधिकारी प्रशांत कुमार गौतम ने आईआरएस ट्रेडर्स, बालाजी ट्रेडर्स, आकाश ट्रेडर्स, सिंह ट्रेडर्स और पीके ट्रेडर्स के खिलाफ ITC चोरी का मुकदमा दर्ज कराया था। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फर्में खोलीं। इसके बाद फर्जी खरीद-फरोख्त के बिल बनाकर करोड़ों की ITC का क्लेम ले लिया। पुलिस की पड़ताल में कुल 23 लोगों के नाम सामने आए। इस मामले में मेरठ के नूर नगर निवासी वसीम रजा, सराय वहलीम निवासी शाकिब और शोएब को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि लैपटॉप से फर्जी बिल और दस्तावेज तैयार किए जाते थे। पुलिस ने बताया कि फरार आरोपियों में राहुल, अंकित, अरशद, मुजफ्फर, वहीद राजपूत, आशीष, अहमदाबाद निवासी जावेद, सोना झा, अनस, प्रयागराज निवासी आनंद, गिरजेश तिवारी, दिल्ली निवासी अमित, अंकुर सिंह, मेरठ निवासी अनीश, अलीगढ़ निवासी ओमकार सहित 5 अज्ञात शामिल हैं। एसीपी गौरव सिंह ने कहा कि सभी फरार आरोपियों की तलाश में टीमें दबिश दे रही हैं। बरामद लैपटॉप और मोबाइल की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। इससे फर्जी लेनदेन का पूरा नेटवर्क खुलेगा। आरोपियों ने जीएसटी विभाग को 45 करोड़ रुपये का चूना लगाया है। पुलिस ने बताया कि गैंग लंबे समय से सक्रिय था। फर्जी फर्मों के जरिए बिना माल खरीदे ही बिलों का लेनदेन दिखाकर सरकार से ITC का रिफंड लेते थे। मामले में जीएसटी विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई जारी है।
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फर्जी दस्तावेज से फर्म बनाकर 45 करोड़ की ITC चोरी:मेरठ के 3 आरोपी गिरफ्तार, GST की जांच जारी