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प्रयागराज के संगम स्थित श्री बड़े हनुमान मंदिर में बाढ़ का पानी अभी भी भरा हुआ है। लगातार 10वें दिन श्री लेटे हनुमान जी शयन अवस्था में हैं और मंदिर का गर्भगृह अब भी जलमग्न है। हालांकि, गंगा-यमुना का जलस्तर अब धीरे-धीरे नीचे उतरने लगा है मंगलवार सुबह 8 बजे जारी रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों नदियों के जलस्तर में पिछले 24 घंटे में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि कमी की रफ्तार अलग-अलग स्थानों पर अलग है। फिलहाल दोनों नदियां खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं और जिले के सभी तटबंध सुरक्षित हैं। यमुना नदी का नैनी में जलस्तर 81.42 मीटर दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटे में 34 सेंटीमीटर कम हुआ है। यहां 2.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। गंगा के फाफामऊ में जलस्तर 81.90 मीटर रहा, जिसमें 11 सेंटीमीटर की कमी आई है। यहां 12.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। छतनाग में गंगा का जलस्तर 80.96 मीटर रहा, जो 24 घंटे में 34 सेंटीमीटर नीचे आया है। वहीं STP बक्शी बांध पर जलस्तर 81.57 मीटर दर्ज किया गया, जिसमें 30 सेंटीमीटर की कमी हुई है। गंगा-यमुना का जलस्तर घटने के बावजूद प्रयागराज के कुछ प्रमुख इलाके और धार्मिक स्थल अभी भी पानी में डूबे हुए हैं। रिवर फ्रंट रोड, नागवासुकी मंदिर, दारागंज घाट और श्री लेटे हनुमान मंदिर में अभी भी बाढ़ का पानी मौजूद है। नदियों का जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन कई जगह यह अभी भी 80 मीटर से ऊपर बना हुआ है। फिलहाल प्रयागराज में बाढ़ की स्थिति नहीं है और दोनों नदियों का जलस्तर 84.734 मीटर के खतरे के निशान से नीचे है। जलस्तर में लगातार हो रही कमी से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी राहत मिली है। हालांकि, पानी पूरी तरह उतरने में अभी समय लग सकता है।
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प्रयागराज के संगम का हनुमान-मंदिर अभी भी बाढ़ में डूबा:10 दिन से शयन अवस्था लेटे हनुमान जी, धीरे-धीरे घाट रहा जलस्तर