आगरा में 9वीं की छात्रा की मौत पर हंगामा:गुमशुदगी के 5वें दिन मिली, परिजनों ने लगाया दुष्कर्म का आरोप, पुलिस ने बताया हादसा


छत्ता थाना क्षेत्र से 5 दिन पहले लापता हुई 16 साल की नाबालिग वाटर बॉक्स चौराहे पर घायल मिली। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने पहले गुमशुदगी पर कार्रवाई नहीं की और बाद में इसे एक्सीडेंट बताकर पल्ला झाड़ लिया। एसएन मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मंगलवार को नाबालिग की मौत हो गई। पोस्टमार्टम की बात पर वाल्मीकि समाज ने हंगामा कर दिया। परिजनों ने दुष्कर्म की आशंका जताते हुए पुलिस पर आरोपी को छोड़ने का आरोप लगाया है।
अब विस्तार से पढ़ें… छत्ता थाना क्षेत्र के लंगड़े की चौकी की रहने वाली कक्षा 9 की 16 साल की छात्रा की मौत के बाद मंगलवार को एसएन मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस पर हंगामा हो गया। परिजनों और वाल्मीकि समाज के लोगों ने पुलिस पर लापरवाही और आरोपी को बचाने का आरोप लगाया। पुलिस का कहना है कि छात्रा सड़क हादसे में घायल हुई थी, जबकि परिजन इसे दुष्कर्म का मामला बता रहे हैं। 28 अगस्त से लापता थी छात्रा
परिजनों के मुताबिक, उनकी बेटी 28 अगस्त की शाम खाटू श्याम मंदिर जाने की बात कहकर घर से निकली थी। देर शाम तक वापस नहीं लौटने पर तलाश शुरू की। नहीं मिलने पर थाना छत्ता में गुमशुदगी की सूचना दी गई। आरोप है कि 5 दिन तक पुलिस ने कोई सुराग नहीं लगाया। 5 दिन बाद हादसे में घायल होने की सूचना
पुलिस के मुताबिक, 1 सितंबर को वाटर बॉक्स चौराहे पर एक किशोरी के हादसे में घायल होने की सूचना मिली। उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पहचान नहीं हो पाने के कारण पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसी दौरान छत्ता पुलिस लंगड़े की चौकी स्थित परिजनों तक पहुंची और घायल किशोरी के बारे में जानकारी दी। परिजन जब अस्पताल पहुंचे तो किशोरी की हालत गंभीर थी। उसे तुरंत एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में रेफर कर दिया गया। सोमवार रात करीब 2 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप- 4 दिन कहां थी बेटी
परिजनों का कहना है कि बेटी के शरीर पर हाथ-पैर में चोट के निशान नहीं थे। अस्पताल में भर्ती के दौरान गुप्तांग से लगातार ब्लीडिंग हो रही थी। इसी आधार पर वे दुष्कर्म की आशंका जता रहे हैं। उनका यह भी आरोप है कि जब बेटी अस्पताल में भर्ती थी, तब एक युवक वहां आया था और इलाज के लिए पैसे देने की बात कहकर भाग गया। पुलिस ने उसे अब तक नहीं पकड़ा है। गुस्साए परिजनों ने कहा- अगर गुमशुदगी की रिपोर्ट पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की होती तो बेटी आज जिंदा होती। 12 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। पोस्टमार्टम हाउस पर हंगामा
मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम की सूचना पर बस्ती के सैकड़ों लोग एसएन पहुंच गए। उन्होंने डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम और कार चालक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा कर दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और समझाने का प्रयास किया। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि किशोरी का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। परिजनों की तहरीर पर जांच की जा रही है।

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