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दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक और बेरोजगारी के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने बरेली में जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यालय से निकला जुलूस अयूब खां चौराहे होते हुए चौकी चौराहे पहुंचा, जहां पुलिस ने उसे रोक लिया। इसके बाद पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्कामुक्की हुई और कई नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर गांधी प्रतिमा पार्क ले जाया गया। करीब एक घंटे तक धरना और नारेबाजी के बाद नेताओं की रिहाई की सूचना मिलने पर प्रदर्शन समाप्त हुआ।
प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप लगाया। नेताओं ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया जा रहा है और छात्रों की आवाज को लाठी के दम पर दबाया जा रहा है। विधायक अताउर रहमान बोले- तानाशाही के बल पर चल रही सरकार
विधायक अताउर रहमान ने कहा कि अखिलेश यादव जो दिल्ली में छात्रों की मांग को लेकर वहां पर गए थे और प्रदर्शन हो रहा था, वहां उनको अरेस्ट कर लिया गया और लखनऊ में प्रदेश अध्यक्ष को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी तरह से तानाशाही के बल पर सरकार चल रही है, उसी के विरोध में हम लोग सड़कों पर उतरे हैं। पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन बोले- संविधान खत्म करने की साजिश
पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन ने कहा कि यह संविधान को खत्म करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता मार्च कर रहे हैं और उनका यह कहना है कि जिस तरीके से संविधान को खत्म करने की साजिश रची जा रही है, उसी की वजह से हम लोग अब सड़कों पर निकल चुके हैं। जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष बोले- सरकार अंग्रेजों से भी ज्यादा दमनकारी
सपा जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव और महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। जब तक उन्हें रिहा नहीं किया जाता, वे भी गिरफ्तारी देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि निहत्थे छात्रों पर जिस तरह लाठीचार्ज किया गया, वैसा आजाद भारत के इतिहास में देखने को नहीं मिला। सरकार अंग्रेजों की हुकूमत जैसा रवैया अपना रही है और यह घटनाक्रम जलियांवाला बाग की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि देश फिर से गुलाम हो गया है और अब नौजवान, किसान तथा आम जनता अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए एकजुट हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं की गिरफ्तारी पूरी तरह गैरकानूनी है। उनका कहना था कि आज का आंदोलन भारतीय जनता पार्टी की ताबूत में आखिरी कील साबित होगा क्योंकि भाजपा सरकार अंग्रेजों से भी ज्यादा दमनकारी है। प्रदर्शन में ये नेता भी रहे मौजूद
प्रदर्शन में विधायक शहजिल इस्लाम, पूर्व सांसद वीरपाल सिंह यादव, पूर्व महापौर सुप्रिया ऐरन, राजेश अग्रवाल (पूर्व विधानसभा प्रत्याशी), इं. अनीस अहमद, अखलाक अहमद अंसारी, डॉ. अनीस बेग, सुरेंद्र सोनकर, प्रमोद बिष्ट, प्रमोद यादव, पंडित दीपक शर्मा, अशोक यादव, गौरव सक्सेना, राम प्रकाश यादव, हसनैन रजा खां, दिनेश यादव, नरेश सोलंकी, जोगेंद्र पटेल, शेर सिंह गंगवार, डॉ. देवेंद्र यादव, डॉ. शफीकुद्दीन, राजेश मौर्य, तनवीर उल इस्लाम, हसीब खान, हरिओम प्रजापति, शकील सैफी, इंद्रपाल सिंह, मो. आरिफ कुरैशी, शमीम अहमद, गुलबसर, सलीम पटवारी, पीयूष वर्मा लोधी, जितेंद्र मुंडे, रामसेवक प्रजापति, शांति सिंह, स्मिता यादव, गजल अंसारी, मुकेश मिश्रा, असलम खान, मोहित भारद्वाज, भुवनेश यादव, एजाज अहमद, संजय शास्त्री, अविनाश मिश्रा, बृजेश श्रीवास्तव, दीपक यादव, विक्रांत पाल, राकेश गौड़, श्यामवीर यादव, मोहसिन खान, महेंद्र राजपूत, अमित गिहार, अशफाक चौधरी, रमीज हाशमी, अहमद खान टीटू, सत्यवीर सिंह, भानू प्रताप सिंह, गंगा सिंह यादव, अशोक यादव, धर्मेंद्र लालू, विशाल यादव, सुशील यादव, अरुण सिंह, गौरव प्रधान, शकील अहमद, रणबीर जाटव, सादिक, आकाश यादव सहित बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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पेपर लीक और लाठीचार्ज के खिलाफ सपा का प्रदर्शन:अखिलेश यादव की गिरफ्तारी और छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में सपाइयों ने किया मार्च