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कानपुर की काकादेव पुलिस ने फरार चल रहे 50 हजार के इनामी साइबर ठग राजवीर सिंह के खिलाफ मंगलवार रात को एक और साइबर ठगी की रिपोर्ट काकादेव थाने में दर्ज की है। राजवीर पर आरोप है कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र के नाम पर खाता खोलकर 7.50 करोड़ की ठगी की रकम मंगाई थी। पुलिस ठगी के मामले में छात्र तक पहुंची तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। अब छात्र की तहरीर पर काकादेव पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान पुलिस को राजवीर के काली कमाई के इन्वेस्टमेंट और पार्टनर का सुराग मिला है। जल्द ही पुलिस उसे भी हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी। नौकरी का झांसा देकर दस्तावेज लिए और मंगाई ठगी की रकम शिवराजपुर के रहने वाले अभिषेक यादव ने बताया कि वह बीएससी व आईटीआई पास हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार को उन्होंने पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के सामने पेश होकर अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत की है। वह विनायकपुर में किराए का कमरा लेकर काकादेव में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। कोचिंग क्लास के बाद वह चाय की दुकान में जाता था। वहां बर्रा के मरदनपुर पिपौरी नई बस्ती निवासी राजबीर सिंह यादव मिला। उसने कहा, वह नौकरी लगवा देगा। इसके एवज में उसने आधार कार्ड, पैन कार्ड, रिज्यूम ले लिया और फोटो मोबाइल पर खींच ली। उसके बाद राजबीर बाइक से पिपौरी स्थित अपने कार्यालय ले गया। उसने अपना मोबाइल नंबर देते हुए कहा कि नौकरी के लिए तुम्हे यहीं आना होगा। 10 दिन बाद अभिषेक ने फिर फोन किया तो उसने एक माह बाद बात करने को कहा। इस दौरान उसने अभिषेक को कुछ पैसे देकर शांत करा दिया, लेकिन इसके पीछे के खेल को वह समझ नहीं सका। 3 साल बीतने के बाद 8 अप्रैल 2026 को साइबर सेल के अधिकारी घर पहुंचे तो पैरों तले जमीन खिसक गई। तब पता चला कि शातिर राजवीर ने जो नौकरी के नाम पर दस्तावेज लिए थे, उससे बोगस फर्म अभि ट्रेडर्स बनाई और बैंक अकाउंट खोला था। फर्म मेसर्स अभि ट्रेडर्स का पंजीकरण एमएसएमई में कराया गया। तब पता चला कि शातिर राजबीर ने उसके नाम पर सीएसबी बैंक शास्त्रीनगर और एक्सिस बैंक गुजैनी में उसके नाम पर दो खाते खोले हैं। उसने जब जांच पड़ताल की तो पंजीकृत फर्म में राजबीर सिंह की मेल आईडी, मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड हैं। दोनों खातों में भी उसके हस्ताक्षर और मोबाइल नंबर नहीं हैं। इसके बाद पुलिस ने छात्र की तहरीर पर साइबर ठग राजबीर के खिलाफ काकादेव थाने में साइबर ठगी की रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस अब इस केस में भी फरार राजबीर की तलाश शुरू कर दी है। 50 हजार का इनामी है शातिर साइबर ठग राजबीर डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्वत ने बताया कि पुलिस कमिश्रर के आदेश पर मामले में छात्र की तहरीर पर साइबर ठग राजबीर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। राजबीर के खिलाफ पूर्व में कई साइबर ठगी के मामले दर्ज हैं। फरार होने के चलते उसके ऊपर 50 हजार का इनाम भी घोषित किया गया है। जल्द ही फरार को अरेस्ट करके जेल भेजा जाएगा। जांच के दौरान उसके खिलाफ कई अहम साक्ष्य मिले हैं। प्रॉपर्टी डीलर छात्रनेता ने खपाई साइबर ठगी की रकम काकादेव पुलिस को जांच के दौरान सुराग मिला है कि बर्रा गांव निवासी एक पूर्व छात्र नेता व मौजूदा समय में प्रॉपर्टी का काम करने वाला युवक राजवीर का पार्टनर है। पूर्व छात्र नेता कांग्रेसी से भाजपा नेता बने एक पूर्व विधायक के संरक्षण में प्रॉपर्टी का काम कर रहा है। राजवीर ने करोड़ों रुपए छात्रनेता के साथ जमीन में इन्वेस्टमेंट किया है। इसी के चलते छात्रनेता भी रातोंरात करोड़पति बन गया और लग्जरी लाइफ जीने लगा। पुलिस जल्द ही छात्रनेता को हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी।
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50-हजार के इनामी साइबर ठग राजवीर पर एक और FIR:काकादेव कोचिंग स्टूडेंट के नाम पर बोगस फर्म और अकाउंट खोलकर मंगाए 7.50 करोड़