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बाराबंकी के लोनीकटरा थाने के उपनिरीक्षक संतोष कुमार राय की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने 14 वर्षीय नाबालिग बच्चे की कथित पिटाई के मामले में सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को 10 दिनों के भीतर व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। यह मामला पीड़ित नाबालिग विमल वर्मा की मां श्रीमती कंचन द्वारा उच्च न्यायालय में दायर आपराधिक रिट याचिका (संख्या 6419/2026) से संबंधित है। याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि दरोगा संतोष कुमार राय ने 14 साल के बच्चे की बेरहमी से पिटाई की थी।
अदालत को बच्चे की मेडिकल इंजरी रिपोर्ट और अखबारों की कतरनें भी साक्ष्य के तौर पर सौंपी गईं। जस्टिस राजेश सिंह चौहान और जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा की खंडपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि यह नाबालिग बच्चे के उत्पीड़न का मामला है। पीठ ने एसपी को निर्देश दिया है कि वे हलफनामे में स्पष्ट करें कि क्या विभाग ने इन आरोपों की सत्यता की जांच की है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषी पुलिस अधिकारी के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है, इसकी जानकारी भी देनी होगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि तय समय में हलफनामा दाखिल नहीं हुआ, तो एसपी और आरोपी दरोगा दोनों को 22 जुलाई 2026 को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर होना होगा।
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नाबालिग की पिटाई, दरोगा संतोष राय पर हाईकोर्ट सख्त:बाराबंकी में SP से 10 दिन में मांगा व्यक्तिगत हलफनामा