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महराजगंज जिला प्रशासन ने बच्चों के स्वस्थ भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए ‘प्रोजेक्ट पहचान’ अभियान शुरू किया है। इस पहल के तहत जन्म से छह वर्ष तक के बच्चों में जन्मजात और विकास संबंधी बीमारियों की समय पर पहचान कर उनका निःशुल्क उपचार कराया जाएगा। अभियान का मुख्य लक्ष्य जिले के प्रत्येक बच्चे तक पहुंचना है, ताकि कोई भी बच्चा इलाज से वंचित न रहे। इस अभियान के तहत पूरे जिले के 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों की स्क्रीनिंग की जाएगी। इसमें न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट, डाउन सिंड्रोम, कटे होंठ एवं तालू, क्लब फुट, जन्मजात हिप विकार, जन्मजात मोतियाबिंद और बहरापन सहित 28 प्रकार के जन्मजात एवं विकास संबंधी विकारों और बीमारियों की पहचान की जाएगी। अभियान के पहले चरण में लगभग 250 कर्मियों को लगाया गया है। जल्द ही आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे घर-घर जाकर बच्चों की पहचान और स्क्रीनिंग का कार्य कर सकें। अभियान की निगरानी और प्रत्येक बच्चे का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल भी विकसित किया जाएगा। स्क्रीनिंग के दौरान यदि किसी बच्चे में किसी प्रकार का जन्मजात या विकास संबंधी विकार मिलता है, तो उसे विशेषज्ञ चिकित्सकों के पास रेफर किया जाएगा। जांच से लेकर इलाज तक की पूरी व्यवस्था निःशुल्क रहेगी। इसके अतिरिक्त, जरूरतमंद बच्चों को उनकी स्थिति के अनुसार शिक्षा और पुनर्वास की सुविधाओं से भी जोड़ा जाएगा, ताकि वे सामान्य बच्चों की तरह पढ़-लिखकर आगे बढ़ सकें। मुख्य विकास अधिकारी भोलानाथ कनौजिया ने बताया कि ‘प्रोजेक्ट पहचान’ का उद्देश्य जिले के किसी भी बच्चे को जन्मजात बीमारी के कारण पीछे न छूटने देना है। उन्होंने कहा कि इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और अन्य संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करेंगे। ‘समय पर पहचानें, सही कदम उठाएं, बच्चों का भविष्य संवारें’ के संदेश के साथ शुरू किया गया ‘प्रोजेक्ट पहचान’ जिले के बच्चों के स्वस्थ, सुरक्षित और बेहतर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
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250 कर्मियों की टीम करेगी बच्चों की स्क्रीनिंग:महराजगंज में 'प्रोजेक्ट पहचान' से जन्मजात बीमारियों का निःशुल्क इलाज